मंडी। प्रदेश भर के अस्पतालों में आपातकालीन सेवाओं में तैनात 108 और 102 एंबुलेंस कर्मी रविवार शाम 8 से 132 घंटों की हड़ताल पर चले गए हैं। ऐसे में अब 11 अप्रैल तक मरीजों को आपातकाल में अस्पताल पहुंचाने और प्रसूता महिलाओं को घर-द्वार छोड़ने में तीमारदारों को स्वयं ही व्यवस्था करनी होगी।
हड़ताल के चलते मंडी जिला के अस्पतालों में भी आपातकालीन सेवाएं प्रभावित होंगी। सीटू के बैनर तले शुरू हुई हड़ताल में एंबुलेंस कर्मचारियों ने कंपनी प्रबंधन पर उनकी लंबित मांगों को पूरा न करने का आरोप लगाया है।
यूनियन के जिला प्रधान सुमित ने बताया कि कंपनी प्रबंधन से एंबुलेंस कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन, बकाया भुगतान और नौकरी की सुरक्षा की मांग की जा रही है लेकिन कंपनी प्रबंधन इसे अनसुना करते हुए पूरा नहीं कर रहा है। यदि शीघ्र ही उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता तो कर्मचारी अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
इस बारे क्षेत्रीय अस्पताल के एमएस डॉ. दिनेश ने बताया कि एंबुलेंस कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से मरीजों को सुविधा दिलाने के लिए व्यवस्था बनाई जा रही है। जरूरत पड़ी तो प्रशासन से भी इस मदद मांगी जाएगी।