नूरपुर (कांगड़ा)। नूरपुर के मातृ-शिशु अस्पताल को जल्द शुरू करवाने की मांग को लेकर रंजीत बख्शी जनकल्याण फाउंडेशन के निदेशक एवं पूर्व प्रशासनिक अधिकारी अकिल बख्शी की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल रविवार को तीसरे दिन भी जारी रही। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक दल, नेता या सरकार के विरोध में नहीं, बल्कि क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से किया जा रहा जनहित का प्रयास है।
अकिल बख्शी ने कहा कि नूरपुर का मातृ-शिशु अस्पताल शुरू होने से नूरपुर के साथ-साथ जवाली, फतेहपुर, इंदौरा और चंबा जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को भी लाभ मिलेगा। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, माताओं और नवजात शिशुओं को नजदीक ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने कहा कि इतने महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्थान का संचालन जल्द शुरू होना क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही आवश्यकता है।
उन्होंने नूरपुर नगर परिषद से भी अपील की कि वह अस्पताल के संचालन के लिए आगे आए और इस जनहित के विषय को प्राथमिकता के आधार पर उठाए। यह किसी राजनीतिक विचारधारा से जुड़ा आंदोलन नहीं है, बल्कि माताओं, बहनों और आने वाली पीढ़ी के बेहतर स्वास्थ्य से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने सरकार और प्रशासन की ओर से इस मामले में अपेक्षित पहल न होने पर चिंता जताई।
उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की कि वे शांतिपूर्ण तरीके से इस जनहित के अभियान से जुड़ें और अस्पताल को जल्द शुरू करवाने की मांग को अपना समर्थन दें। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगें स्वीकार नहीं की जातीं, तब तक उनकी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रहेगी।