धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड अब भविष्य उन्मुख शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कक्षा छठी से 12वीं तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को स्किल विषय के रूप में शुरू करने जा रहा है। इस पहल के लिए इंटेल इंडिया को नॉलेज पार्टनर के रूप में जोड़ा है। विद्यार्थियों के लिए आयु के अनुसार एआई पाठ्यक्रम विकसित किया जा रहा है। इसमें तकनीकी कौशल विकास, रचनात्मकता और समस्या समाधान क्षमता पर विशेष जोर रहेगा।
शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि सात मई को आयोजित एआई करिकुलम ओरिएंटेशन वर्कशॉप के बाद शिक्षा बोर्ड ने एक एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया था। इसी कड़ी में समिति के अध्यक्ष डॉ. (मेजर) विशाल शर्मा की अगुवाई में 22 और 23 मई को दो दिवसीय पाठ्यक्रम समीक्षा एवं क्यूरेशन कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य तैयार किए जा रहे एआई पाठ्यक्रम को अधिक व्यावहारिक, उद्योग उन्मुख (इंडस्ट्री ओरिएंटेड) और विद्यार्थियों की आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप बनाना रहा। इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में इंटेल इंडिया, केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश, राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला, विभिन्न स्कूलों के विषय विशेषज्ञों और शिक्षा बोर्ड की अकादमिक टीम ने भाग लिया।
बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि प्रस्तावित एआई पाठ्यक्रम में तकनीक की मूलभूत समझ के साथ-साथ इसके नैतिक उपयोग और आलोचनात्मक चिंतन (क्रिटिकल थिंकिंग) को विशेष महत्व दिया गया है। उन्होंने दोहराया कि शिक्षा बोर्ड और इंटेल इंडिया विद्यार्थियों व शिक्षकों को भविष्य के लिए तैयार करने तथा नवाचार आधारित शिक्षण वातावरण विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।