इमारतों से नहीं, योग्य अध्यापकों से जाने जाते है शिक्षण संस्थान : चंद्र
संवाद न्यूज एजेंसी
रैहन (कांगड़ा)। कृषि और पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने वीरवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ताहलियां के वार्षिक समारोह में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस अवसर पर चंद्र कुमार ने कहा कि देश का भविष्य स्कूल रूपी नर्सरी में तैयार होता है। इसीलिए स्कूलों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हमारी सरकार प्राथमिकता है। इस अवसर पर कृषि मंत्री ने शैक्षणिक, सांस्कृतिक,खेलकूद और अन्य गतिविधियों में सराहनीय प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कार भी वितरित किए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के कुशल नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए कई ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों के संसाधनों का उचित उपयोग सुनिश्चित करने के लिए पांच से कम विद्यार्थियों की संख्या वाले स्कूलों को आपस में मर्ज किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि स्कूलों में शिक्षकों के पदों को भी चरणबद्ध तरीके से भरा जा रहा है। शिक्षकों तथा विद्यार्थियों को एक्सपोज़र विजिट के लिए विदेश भेजा जा रहा है। हर विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल बनाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अध्यापकों को स्कूलों में बच्चों की घटती संख्या पर भी चिंतन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थान ऊंची इमारतों से नहीं, बल्कि वहां के योग्य अध्यापकों से जाने जाते हैं। यदि शिक्षक अच्छे होंगे तो विद्यालय में बच्चों की संख्या निश्चित रूप से बढ़ेगी, इसलिए शिक्षकों को समय के साथ अपनी शिक्षण पद्धति में रचनात्मक परिवर्तन लाना आवश्यक है।
समारोह में कृषि मंत्री ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले बच्चों को अपनी ऐच्छिक निधि से 11 हजार रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने सीनियर सेकंडरी स्कूल ताहलियाँ में दो कमरे तथा प्राथमिक स्कूल में एक कमरे के निर्माण के लिए धन उपलब्ध करवाने की घोषणा की।