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Kangra News: कृषि और वानिकी विवि अब मिलकर करेंगे किसानों की आर्थिकी मजबूत

Wed, 22 Jan 2025 02:08 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
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पालमपुर कृ​​षि​ विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में कुलपति का स्वगत करते हुए अ​धिकारी।
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पालमपुर (कांगड़ा)। प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर अब बागवानी और वानिकी विश्वविद्यालय सोलन अब मिलकर किसानों की आर्थिकी मजबूत करेंगे। ये दोनों विश्वविद्यालय सब्जियों की पैदावार बढ़ाने को लेकर मिलकर किसानों को परामर्श देेंगे और आधुनिक तकनीकों के बारे में बताएंगे। पालमपुर विवि के कार्यवाहक कुलपति प्रो. नवीन कुमार ने बताया कि सब्जी फसलों के लिए प्रथाओं पर आधारित किसानों के लिए यह एक एकीकृत पैकेज होगा, जो जल्द जारी किया जाएगा।
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यह बात मंगलवार को 20वीं प्रसार परिषद और 19वीं अनुसंधान परिषद की बैठकों की अध्यक्षता करते हुए कुलपति ने कही। इस दौरान प्रो. नवीन कुमार ने कॉलेज ऑफ कम्युनिटी साइंस और कॉलेज ऑफ वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज की सिफारिशों को प्रकाशित करने के लिए चल रहे प्रयासों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कृषि, पशुपालन और संबद्ध क्षेत्रों में इसकी उपलब्धियों ने राष्ट्रीय ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने साझा किया कि कई किसानों को राष्ट्रीय स्तर पर उनके योगदान के लिए मान्यता दी गई है। इसके अलावा विश्वविद्यालय ने गद्दी कुत्ते की नस्ल का पंजीकरण सफलतापूर्वक हासिल किया है, जो एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। बैठक के दौरान मधुमक्खी पालन, ठंडे पानी में मछली पालन, मुर्गी पालन, संरक्षित खेती एकीकृत कृषि और शून्य लगत और जैविक खेती जैसी प्रमुख पहलों पर चर्चा हुई। विश्वविद्यालय ने ग्रामीण युवाओं में उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के साथ-साथ हींग, केसर और काला जीरा जैसी फसलों की खेती में अपने चल रहे काम पर भी जोर दिया।
उधर, प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. विनोद शर्मा ने विश्वविद्यालय के आठ कृषि विज्ञान केंद्रों में प्रमुख प्रसार गतिविधियों, उपलब्धियों और भविष्य के कार्यक्रमों का विस्तृत अवलोकन प्रस्तुत किया। सह निदेशक अनुसंधान डॉ पंकज सूद ने विश्वविद्यालय में किए जा रहे शोध गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में पशु नस्लों के बारे में जागरूकता पैदा करना, मवेशियों के लिए खनिज मिश्रण की गुणवत्ता बढ़ाना, किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि व्यवसाय का विस्तार करना, सर्दियों के लिए विश्वविद्यालय के चारे की किस्मों की उपलब्धता सुनिश्चित करना और प्राकृतिक खेती और जैविक उत्पादों को बढ़ावा देना शामिल है। बैठक में विवि की रजिस्ट्रार डॉ. मधु चौधरी, वित नियंत्रक नीरज सूद, डॉ. विपिन गुलेरिया और अन्य ने सक्रिय भागीदारी की।
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