चंबा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र साहो में पांच साल के बाद मरीजों को रात्रि सेवाएं उपलब्ध होंगी। इसका सबसे ज्यादा लाभ रात को अस्पताल में प्रसव के लिए पहुंचने वाली गर्भवती महिलाओं को मिलेगा। उन्हें स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिलने के कारण मेडिकल कॉलेज का रुख करना पड़ता है। कई बार एंबुलेंस में बीच रास्ते में ही गर्भवती महिलाओं के प्रसव करवाने की नौबत आ गई। यही वजह है कि स्वास्थ्य विभाग ने सरकार से सीएचसी में स्टाफ नर्सों को नियुक्त करने की मांग रखी थी। इसके लिए केंद्र सरकार ने अनुमति प्रदान कर दी है। आउटसाेर्स प्रणाली पर चार स्टाफ नर्सों को वहां तैनात किया गया है जिन्होंने अपना कार्यभार भी संभाल लिया है। अब रात को स्टाफ नर्स मरीजों के इलाज में अहम भूमिका निभाएंगी। मरीजों को भर्ती करने के लिए यहां एक दर्जन बिस्तरों की सुविधा है लेकिन, रात को उनकी देखभाल करने के लिए स्टाफ नर्सें न होने से मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा था। अब मरीजों को यह सुविधा भी मिलेगी। वहीं, मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए इन नर्सों को विशेष दिशा-निर्देश भी दिए गए हैं।
गौरतलब है कि साहो सीएचसी एक दर्जन से अधिक पंचायतों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता है। रात को यहां मरीजों की संख्या इतनी अधिक नहीं रहती लेकिन, कई बार गर्भवती महिलाएं प्रसव पीड़ा से ग्रसित होकर देर रात यहां पहुंचती हैं, लेकिन स्टाफ नर्सें न होने से उन्हें मेडिकल कॉलेज जाना पड़ता था। डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए भी विभाग ने सरकार को अवगत करवाया है। जल्द यहां डॉक्टरों की तैनाती होने की भी उम्मीद है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जालम सिंह भारद्वाज ने बताया कि चार स्टाफ नर्सों को सीएचसी साहो में नियुक्त कर दिया गया है। अब रात को कोई भी गर्भवती महिला प्रसव के लिए यहां से चंबा रेफर नहीं होगी। इसके अलावा मरीजों को रात में भी यहां बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।