गगल (कांगड़ा)। गगल हवाई अड्डा विस्तारीकरण की प्रक्रिया को लेकर प्रशासन और प्रभावितों के बीच गतिरोध गहराता जा रहा है। रविवार को हवाई अड्डा संघर्ष समिति के अध्यक्ष रजनीश मोना की अध्यक्षता में हुई प्रभावित परिवारों एवं भू-स्वामियों की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि कोई भी प्रभावित व्यक्ति प्रशासन को शपथ पत्र जमा नहीं करवाएगा।
समिति का तर्क है कि यह प्रक्रिया भू-अर्जन अधिनियम 2013 के विरुद्ध है और प्रभावितों के हितों पर कुठाराघात है। बैठक में उपस्थित लगभग 300 प्रभावितों ने निर्णय लिया कि जब तक उच्च न्यायालय शिमला में चल रहे मामले की अंतिम सुनवाई का फैसला नहीं आ जाता, तब तक कोई भी व्यक्ति अवार्ड वसूल नहीं करेगा।
रजनीश मोना ने कहा कि समिति मुआवजा राशि को चार गुना करने की मांग पर कायम है और हाई कोर्ट के आदेशों के क्रियान्वयन का इंतजार कर रही है।
आज शपथ पत्र दे सकते हैं प्रभावित : एसडीएम
उधर, प्रशासन मुआवजे के वितरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। एसडीएम कांगड़ा इशांत जसवाल ने बताया कि एयरपोर्ट विस्तारीकरण के तहत गगल गांव के प्रभावितों के लिए सोमवार को पंचायत घर गगल में एक विशेष शिविर लगाया जा रहा है। सुबह 10:00 बजे तहसीलदार कांगड़ा की उपस्थिति में यह शिविर शुरू होगा। एसडीएम ने कहा कि जिन प्रभावितों के दस्तावेज पूरे हो चुके हैं वे शपथ पत्र बनवाकर अपनी मुआवजा राशि के लिए आवेदन कर सकते हैं।