नूरपुर (कांगड़ा)। पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से संवेदनशील कांगड़ा के सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय खनन माफिया पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। यह कार्रवाई नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के दिशा-निर्देशों के तहत नदियों, पर्यावरण और सार्वजनिक ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है। अवैध खनन पर अब सिर्फ जुर्माना या एफआईआर ही नहीं, बल्कि पर्यावरण को हुए नुकसान के लिए विशेष पर्यावरण मुआवजा भी वसूला जाएगा।
नूरपुर पुलिस जिला के तहत नूरपुर सब डिवीजन में दो, फतेहपुर में दो और खनन के लिहाज से संवेदनशील इंदौरा क्षेत्र में अवैध खनन के सबसे ज्यादा 11 मामलों में पर्यावरण मुआवजा वसूलने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अवैध खनन चाहे निजी भूमि में किया गया हो या सरकारी, दोनों जगह पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वालों को दोहरी मार झेलनी पड़ेगी। नूरपुर, फतेहपुर और इंदौरा क्षेत्रों में 15 मामले पकड़े गए हैं जिन पर आगामी कार्रवाई की जा रही है।
एनजीटी के निर्देशानुसार अवैध खनन करने वालों पर पर्यावरण मुआवजे का जुर्माना लगाने के लिए कुल 15 मामलों की रिपोर्ट बनाकर आगामी कार्रवाई के लिए संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को प्रेषित कर दी गई है। इनमें लगभग दो करोड़ रुपये का पर्यावरण मुआवजा बनता है। - सुरेश कुमार, खनन अधिकारी, नूरपुर