पालमपुर कार्यशाला में उपायुक्त हेमराज बैरवा का स्वागत करते अधिकारी स्त्रोत एपीआरओ
- फोटो : जिला अस्पताल की इमरजेंसी में फुल वार्ड।
पालमपुर (कांगड़ा)। क्षेत्र में सिस्टम ऑफ एनवायरनमेंटल-इकोनॉमिक अकाउंटिंग (एईईए) फ्रेमवर्क और सपोर्ट फॉर स्टैटिस्टिकल स्ट्रेंथनिंग (एसएसएस) योजना के तहत डेटा संग्रहण तंत्र को सुदृढ़ बनाने विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला हुई। शुभारंभ मुख्यातिथि उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने कहा कि किसी भी योजना या नीति निर्माण में डेटा की शुद्धता अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।आंकड़ों की गुणवत्ता अच्छी नहीं होगी तो कार्यक्रम और नीतिगत निर्णय भी प्रभावित होंगे।
उन्होंने कहा कि प्रभावी डेटा विश्लेषण के लिए यह आवश्यक है कि उपलब्ध आंकड़े गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय हों। विभिन्न विभागों के बीच डेटा का आदान-प्रदान सुचारु होना चाहिए, जिससे कार्यों में तेजी आए और अनावश्यक दोहराव से बचा जा सके। कई विभाग इस दिशा में पहले से ही अच्छा कार्य कर रहे हैं, लेकिन इसे और मजबूत करने की आवश्यकता है।
उपायुक्त ने अधिकारियों से आह्वान किया कि नई तकनीकों का उपयोग करते हुए प्रभावी और विश्वसनीय डेटा तैयार किया जाए, ताकि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में बेहतर परिणाम प्राप्त हो सकें। इस दौरान आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के उपनिदेशक सुरेश चंद वर्मा ने कार्यशाला के उद्देश्य और महत्व के बारे में बताया।
कार्यशाला के पहले दिन जिला सांख्यिकी कार्यालय कांगड़ा ने प्रस्तुति दी, जबकि जिला गुड गवर्नेंस पर भी विस्तृत जानकारी साझा की गई। इसके अतिरिक्त भारत में एसईईए के क्रियान्वयन और विशेष रूप से वन क्षेत्र पर इसके प्रभाव को लेकर सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय की निदेशक स्मृति कीर्ति गायकवाड़ ने वर्चुअल माध्यम से महत्वपूर्ण जानकारी दी।
दूसरे सत्र में हिमाचल प्रदेश में कृषि विकास के विभिन्न पहलुओं पर कृषि विवि के पूर्व प्रोफेसर डॉ. वीरेंद्र कुमार शर्मा ने जानकारी दी। इस मौके पर नगर निगम आयुक्त पालमपुर नेत्रा मेती, एसडीएम पालमपुर डॉ. ओपी यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी कर्मचारी इस दौरान मौजूद रहे।