धर्मशाला। जिला मुख्यालय धर्मशाला में सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) द्वारा प्रस्तावित प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही पुलिस ने संगठन के कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। एबीवीपी की योजना केंद्रीय विश्वविद्यालय से कचहरी तक प्रदेश सरकार के खिलाफ शव यात्रा निकालने की थी।
इससे पहले की एबीवीपी कार्यकर्ता प्रदर्शन शुरू करते पुलिस टीम कॉलेज और विश्वविद्यालय परिसर में पहुंच गई और छात्रों को रोकते हुए हिरासत में ले लिया। जानकारी के अनुसार सुबह 11:00 बजे प्रस्तावित इस प्रदर्शन से पहले पुलिस ने 22 एबीवीपी कार्यकर्ताओं को एहतियातन हिरासत में लिया। बाद में सभी को पुलिस थाना धर्मशाला में पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया।
एबीवीपी के राष्ट्रीय संगठन मंत्री राहुल राणा ने आरोप लगाया कि संगठन शिक्षा और रोजगार संबंधी मुद्दों को लेकर लंबे समय से आंदोलनरत है। विधानसभा घेराव के ऐलान के बाद सरकार ने पुलिस के जरिये छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि कुछ छात्रों की परीक्षा भी थी, फिर भी उन्हें बिना कारण हिरासत में लिया गया। उन्होंने चेताया कि यदि सरकार छात्रों के मुद्दे दबाने की कोशिश करेगी तो इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा।
उधर, एएसपी कांगड़ा बीर बहादुर ने कहा कि सुरक्षा कारणों के चलते और बिना अनुमति प्रदर्शन किए जाने पर छात्रों को हिरासत में लिया गया। प्रदर्शन के लिए इकट्ठे कुछ युवाओं के पास पहचानपत्र नहीं थे। पूछताछ के बाद पुलिस ने सभी विद्यार्थियों को छोड़ दिया था।