ज्वालामुखी/चामुंडा/कांगड़ा। शारदीय नवरात्र के छठे दिन शुक्रवार को जिले की तीनों प्रमुख शक्तिपीठों में आस्था का जनसैलाब उमड़ा। तड़के चार बजे से ही मंदिरों के बाहर दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं।
दिनभर में तीनों शक्तिपीठों में करीब 35 हजार श्रद्धालुओं ने शीश नवाकर माता का आशीर्वाद लिया। इनमें श्री ज्वालामुखी मंदिर में लगभग 24 हजार, मां बज्रेश्वरी देवी मंदिर में सात हजार और श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में करीब चार हजार भक्तों ने दर्शन किए।
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ज्वालामुखी: तीन दिन 24 घंटे खुले रहेंगे कपाट
श्री ज्वालामुखी मंदिर में पांच नवरात्रों के भीतर लगभग डेढ़ लाख श्रद्धालु पवित्र ज्योतियों के दर्शन कर चुके हैं। करीब 70 लाख रुपये का चढ़ावा अर्पित किया गया है। इनमें पांचवें नवरात्र का 5.55 लाख रुपये का चढ़ावा शामिल है। मंदिर अधिकारी अजय मंडयाल ने बताया कि भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा, पेयजल और सफाई के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए छठी, सप्तमी और अष्टमी को मंदिर के कपाट 24 घंटे खुले रखे जा रहे हैं।
चामुंडा धाम: अष्टमी को लगेगा 108 व्यंजनों का भोग
श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में सहस्र चंडी महायज्ञ, रुद्र महायज्ञ, अखंड रामायण पाठ और सवा लाख गायत्री मंत्र जाप से पूरा माहौल भक्तिमय बना हुआ है। मंदिर अधिकारी राकेश चौधरी ने बताया कि अष्टमी की रात माता का सिंदूर रूपी चोला बदला जाएगा और 108 प्रकार के व्यंजनों का महाभोग लगाया जाएगा। इसके बाद सिंदूर और प्रसाद भक्तों में बांटा जाएगा।
बज्रेश्वरी देवी: रात 2:30 बजे से होंगे दर्शन
माता श्री बज्रेश्वरी देवी मंदिर कांगड़ा में भक्तों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। मंदिर अधिकारी प्रकाश चंद ने बताया कि पांचवें नवरात्र पर भक्तों ने 4,50,244 रुपये का चढ़ावा अर्पित किया। सप्तमी, अष्टमी और नवमी के पावन दिनों में मंदिर के कपाट रात 2:30 बजे ही दर्शनार्थियों के लिए खोल दिए जाएंगे। इसके साथ ही मंदिर में तीनों समय सुचारु रूप से लंगर सेवा चलाई जा रही है।
चामुंडा माता मंदिर में दर्शनों के लिए लाइन में लगे श्रद्धालु। जागरूक पाठक