धर्मशाला। डिजिटल दौर में खत लिखने की परंपरा को फिर से जीवंत करने के लिए डाक विभाग ने राष्ट्रीय स्तर की ढाई आखर पत्र लेखन प्रतियोगिता शुरू की है।
इस बार प्रतियोगिता में थीम ‘ए लेटर टू मदर अर्थ : माई प्रॉमिस टू प्रोटेक्ट नेचर’ है। प्रतियोगिता में देश का कोई भी नागरिक हिस्सा ले सकता है। इसमें दो आयु वर्ग रखे गए हैं।
18 और 18 वर्ष से अधिक आयु के प्रतिभागी इसमें शामिल हो सकेंगे। दोनों आयु वर्गों में इनलैंड लेटर कार्ड और लिफाफा श्रेणी होगी। पत्र हिंदी, अंग्रेजी या किसी भी भारतीय भाषा में लिखा जा सकता है।
ए-4 आकार के कागज पर पत्र की अधिकतम सीमा 1000 शब्द और इनलैंड लेटर कार्ड पर 500 शब्द निर्धारित की गई है। खास बात यह है कि पत्र हस्तलिखित होना जरूरी है, टाइप किए हुए पत्र स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
प्रतिभागियों को अपना पत्र डाकघर जाकर लेटर बॉक्स में डालना होगा। पत्र मुख्य डाक महाप्रबंधक हिमाचल प्रदेश सर्किल, कसुम्पटी, शिमला-171009 के पते पर भेजना होगा। प्रतियोगिता के लिए पत्र भेजने की अंतिम तिथि 31 अक्तूबर है। इसके बाद भेजे गए पत्र स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
हर श्रेणी में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार 50 हजार, द्वितीय 25 हजार और तृतीय पुरस्कार 10 हजार रुपये का होगा। वहीं, सर्किल स्तर पर प्रथम पुरस्कार 25 हजार, द्वितीय 10 हजार और तृतीय पुरस्कार पांच हजार रुपये निर्धारित हैं।
स्कूल-कॉलेजों में भी चलेगा अभियान
डाक विभाग की ओर से स्कूलों और कॉलेजों में प्रतियोगिता को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए कार्यशालाएं, सेमिनार और प्रस्तुतियां आयोजित करने के साथ छोटे ढाई आखर लेटर बॉक्स भी लगाए जाएंगे। प्रतियोगिता का उद्देश्य बच्चों और युवाओं में हस्तलेखन, रचनात्मकता और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता को बढ़ावा देना है।