धर्मशाला। आमतौर पर टॉस के वक्त दोनों टीमों के कप्तान पिच के पास आते हैं। उनके हाथ में अपनी-अपनी टीम की सूची होती है, लेकिन शुक्रवार को धर्मशाला वन डे से पहले कुछ और ही नजारा दिखा। टॉस के समय पूरी वेस्टइंडीज टीम ही कप्तान ड्वेन ब्रैवो के साथ आई और टॉस के दौरान भी टीम उनके पीछे खड़ी रही। इस दौरान लोगों को लग रहा था कि कहीं वेस्टइंडीज की टीम मैच नहीं खेलने का फैसला करके तो नहीं आई है।
हालांकि, ब्रैवो ने कहा कि सभी खिलाड़ी इसलिए उनके साथ खड़े हैं, ताकि दिखा सकें कि वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड, वेस्टइंडीज प्लेयर्स एसोसिएशन और खिलाड़ियों के बीच चल रहे वेतन विवाद में सभी खिलाड़ी एकजुट हैं। इस दौरे पर वेस्टइंडीज खिलाड़ियों और बोर्ड में वेतन कांट्रेक्ट को लेकर तनातनी चल रही है। कई बार खिलाड़ियों के मैच से हटने की आशंका जताई जा चुकी है। वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड और वेस्टइंडीज प्लेयर्स एसोसिएशन के बीच एक समझौते की खबर आई थी। खिलाड़ियों का कहना है कि इस समझौते के लिए उनसे बात नहीं की गई। ब्रैवो के मुताबिक इस नए समझौते में खिलाड़ियों को मिलने वाले पैसे में भारी कटौती की गई है। इसके चलते कोच्चि में पहले वन डे का बायकाट करने का फैसला लिया था, लेकिन अंत में खेलने को राजी हो गए थे। वह इसलिए खेल रहे हैं कि खेल और प्रशंसकों पर इस विवाद का गलत असर न पड़े।
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अनुराग के प्रयास से हो सका मैच
शुक्रवार सुबह वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों ने मैच खेलने से मना किया तो एचपीसीए में खलबली मच गई। वीरवार रात धर्मशाला पहुुंचे एचपीसीए अध्यक्ष अनुराग ठाकुर जानकारी मिलने पर द पवेलियन होटल पहुंचे। वहां वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों से बातचीत कर उन्हें मैच खेलने के लिए मनाया। यदि अनुराग ठाकुर शुक्रवार सुबह वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों को मैच खेलने के लिए राजी नहीं करते तो शुक्रवार को धर्मशाला में मैच रद्द हो सकता था।