मैकलोेेडगंज। तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा को वर्ष 1989 में मिले नोबेल शांति पुरस्कार की 24वीं वर्षगांठ पर मैकलोडगंज के बौद्ध मठ चुंगला खां में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें निर्वासित तिब्बत सरकार के प्रधानमंत्री डा. लोबसांग सांग्ये सहित तिब्बती सांसदाें, कैबिनेट मंत्रियाें सहित तिब्बती समुदाय एवं विदेशी समुदाय के लोगों ने भाग लिया। तिब्बती पीएम डा. लोबसांग सांग्ये ने कहा कि धर्मगुरु दलाईलामा तेंजिन ग्यॉत्सो को 1989 में मिले सराहनीय अवार्ड से विश्व भर में रह रहे तिब्बतियों का गौरव बढ़ा है। तिब्बत अब भी चीन के अधिकार क्षेत्र में है, जिसके चलते तिब्बत में रहने वाले समूचे तिब्बती समुदाय को उनकी सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक और मानवाधिकारों की आजादी से सदैव वंचित रहना पड़ा है। सांग्ये ने कहा कि धर्मशाला में निर्वासन के पचास साल से अधिक समय सकुशल बिताने का श्रेय भारत की सरकार और यहां के लोगों को जाता है। वहीं, कार्यक्रम में टीपा और तिब्बती कलाकारों ने गीतों और डांस से खूब मनोरंजन किया। इस मौके पर डा. सांग्ये ने केंद्रीय तिब्बती प्रशासन में बतौर स्टाफ 25 साल बेहतरीन सेवाएं दे चुके तिब्बती अधिकारियों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित भी किया।