ज्वाली (कांगड़ा)। प्रदेश कंप्यूटर शिक्षक संघ की बैठक महाराणा प्रताप भवन मकड़ाहन में प्रदेशाध्यक्ष दलजीत मिन्हास की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इसमें निजी कंपनी के खिलाफ शीतकालीन प्रवास में आंदोलन करने का निर्णय लिया गया। मिन्हास ने कहा कि प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों में कार्यरत 1729 कंप्यूटर शिक्षक 12 साल से शोषण का शिकार हो रहे हैं और अब उनके सब्र का बांध टूट चुका है। वर्तमान में नीलेट कंपनी द्वारा दो माह से कंप्यूटर शिक्षकों को वेतन नहीं दिया गया है। जिस कारण कंप्यूटर शिक्षकों को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एवरॉन कंपनी कंप्यूटर शिक्षकों के ईपीएफ और सिक्योरिटी पर कुंडली मार कर बैठी हुई है। इस समस्या के लिए कई बार उच्च शिक्षा निदेशक और प्रधान सचिव को भी अवगत करवाया गया, लेकिन उनकी समस्या का कोई हल नहीं निकला। उन्होंने चेताया है कि अगर कंपनी ने कंप्यूटर शिक्षकों से अन्याय करना बंद नहीं किया तो कंपनी के खिलाफ प्रदेश स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। इसके बाद संघ मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से तपोवन में संसदीय सचिव नीरज भारती की अध्यक्षता में अपनी मांगों को लेकर मिलेंगे। इस मौके पर प्रदेश मुख्य सलाहकार भुवनेश शर्मा, कोषाध्यक्ष राजीव पठानिया, जिला उपाध्यक्ष राकेश कुमार, जीवन रिहालिया, सरबजीत, कपिल चौधरी, मंजू शर्मा, अरुण पगड़ोत्तरा, अनिल चौधरी, रविंद्र ठाकुर, राम लाल, सरिता पठानिया, पुनीत इत्यादि मौजूद रहे।