डरोह (कांगड़ा)। प्रदेश शिक्षा बोर्ड द्वारा संचालित वार्षिक परीक्षाओं के चलते वीरवार को आयोजित दसवीं कक्षा के संस्कृत विषय के पेपर में भी एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला। शिक्षा बोर्ड द्वारा जारी प्रश्न पत्र में कुल 85 अंकों का पेपर डाला गया। लेकिन सी-सीरिज के प्रश्न पत्र में अंकों का कुल जोड़ 88 था।
परीक्षार्थी 85 नंबर का पेपर पूरा कर चुके थे। लेकिन तीन नंबर के एक्स्ट्रा प्रश्नों ने उन्हें दुविधा में डाले रखा। परीक्षकों के कहने पर ही परीक्षार्थी परीक्षा हाल से निकले। प्रश्न पत्र की गहनता से जांच करने पर परीक्षकों ने पाया कि इसमें तीन नंबरों का जोड़ अधिक है। नियमानुसार संस्कृत पेपर में लिखित परीक्षा 85 अंकों की होती है। जबकि 15 नंबर इंटरनल एसेसमेंट के डालकर 100 अंक होते हैं। लेकिन वीरवार को हुए संस्कृत पेपर के सी-सीरिज में इन अंकों का जोड़ 85 की बजाय 88 बन गया। इससे एक बार शिक्षा बोर्ड पर सवाल खड़े हो गए हैं।
सेवानिवृत्त केंद्र मुख्य शिक्षक ईश्वर सिंह गुलेरिया, पवना कुमारी, भुवनेश शर्मा, कुलदीप धीमान, सुरेश शर्मा, सुरेश कुमार, एसएमसी प्रधान कुलदीप, सरवन कुमार समेत कई बुद्धिजीवियों ने बोर्ड की कार्यप्रणाली की कड़ी आलोचना की है। वहीं शिक्षा बोर्ड की सचिव राखिल काहलों ने बताया कि मामला उनके ध्यान में आ चुका है तथा इसके जिम्मेदार स्टाफ पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।