धर्मशाला। क्षमता से अधिक भार उठाना आपको महंगा साबित हो सकता है। यही नहीं, आप बैसाखियों के सहारे चलने पर भी मजबूर हो सकते हैं। अधिक भार उठाने से आपके घुटने जवाब दे सकते हैं। क्योंकि ज्वाइंट पेन का सबसे बड़ा कारण अत्याधिक भार उठाना है। वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में अत्याधिक चलना-फिरना, उतराई व चढ़ाई, मोटापा तथा पौष्टिक आहार की कमी भी जोड़ों के दर्द को न्योता दे रही है।
कांगड़ा जिले के विभिन्न अस्पतालों में घुटनों व एड़ियों समेत शरीर के अन्य जोड़ों में दर्द के बढ़ते मामलों पर अध्ययन करने के बाद यह खुलासा हुआ है। विशेषज्ञ ने भी अत्याधिक वजन व उतराई-चढ़ाई से ज्वाइंट पेन की बीमारी होने की प्रमाणिकता पर मुहर लगा दी है। जोड़ों के दर्द से ग्रसित मरीज को आम लोगों की तरह चलने फिरने में तथा चौकड़ी मारकर बैठने में दिक्कतें आती हैं। आमतौर पर किसान-बागवान तथा मजदूर वर्ग दिनभर अपने काम में डटा रहता है। वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में दुर्गम रास्तों की परवाह किए बगैर ही अपनी पीठ पर अत्याधिक भार उठाकर अपने कार्य को अंजाम देते हैं। लेकिन भारी भरकम वजन के कारण वह जाने-अनजाने में ज्वाइंट पेन को न्योता दे रहा है।
पौष्टिक आहार पर रखें ध्यान : डा. चौधरी
जिला आयुर्वेदिक अस्पताल धर्मशाला के एमडी डा. अशोक चौधरी ने बताया कि वर्तमान में रोजाना अस्पताल में जोड़ों के दर्द से ग्रसित 70 फीसदी मरीज आते हैं। जोड़ों के दर्द का सबसे बड़ा कारण अत्याधिक वजन उठाना है। इसके अलावा पौष्टिक आहार की कमी तथा दुर्गम क्षेत्रों में ज्यादा उतराई व चढ़ाई करना भी ज्वाइंट पेन का कारण है। ज्वाइंट पेन से बचने के लिए ज्यादा वजन न उठाएं तथा पौष्टिक आहार लें।