धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय प्राध्यापक एसोसिएशन मांगों को लेकर उग्र हो गई है। एसोसिएशन ने रजिस्ट्रार को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि प्राध्यापकों की मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो वह अपने पद से त्यागपत्र दे देंगे। साथ ही रजिस्ट्रार के इस व्यवहार की मानव संसाधन विकास मंत्रालय को अवगत करवाने और अपनी मांगों को लेकर विवि के वीसी से मिलने की भी बात कही है। म शुक्रवार को एसोसिएशन ने विवि के प्रशासनिक कार्यालय में रजिस्ट्रार का घेराव किया। एसोसिएशन का आरोप है कि रजिस्ट्रार ने एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार किया। रजिस्ट्रार के व्यवहार को देखते हुए एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही रजिस्ट्रार के साथ हुई हंगामेदार बैठक में अधिकतर मांगों पर सहमति न बनने से एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने रोष जताया। केंद्रीय विवि प्राध्यापक एसोसिएशन सचिव डॉ. मोहिंद्र ने आरोप लगाया कि रजिस्ट्रार का प्राध्यापकों और विद्यार्थियों के प्रति व्यवहार ठीक नहीं है। एसोसिएशन लंबे समय से रजिस्ट्रार के समक्ष मांगें रख रहे हैं। लेकिन, उनकी मांगों को पूरा करने के संबंध में कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि संघ की किसी भी मांग पर रजिस्ट्रार बिग्रेडियर जेसी रांगड़ा का संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है। मुद्दों को कुलपति के नाम से टालते रहे हैं। सीयू स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बिल्कुल मूक बना हुआ है। शिक्षकों को अब तक पदोन्नति नहीं दी गई, जबकि रजिस्ट्रार अपने चहेतों को नियमों के विपरीत पदोन्नति दे रहे हैं।
एसोसिएशन के सदस्य डॉ. सचिन श्रीवास्तव ने बताया कि केंद्र सरकार ने 7वें पे कमीशन को लागू कर दिया है, जबकि सीयू के शिक्षक वर्ग को प्रशासन की लापरवाही की वजह से उसका लाभ नहीं मिल पाया है। सीयू में जो भी कमियां हैं। उसके लिए रजिस्ट्रार सीधे तौर पर जिम्मेवार हैं।