नगरोटा बगवां (कांगड़ा)। नगरोटा बगवां विधानसभा क्षेत्र के तहत बनाए गए कुल 104 मतदान केंद्रों में से 18 मतदान केंद्रों को अति संवेदनशील और संवेदनशील घोषित किया गया है। चुनावों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीआरपीएफ ने नगर के मुख्य बाजार में फ्लैग मार्च कर सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल ली है।
हालांकि एसएचओ एनडी थिंड की अगुवाई में पुलिस नाकेबंदी और अन्य सुरक्षा का जिम्मा पहले से ही संभाले हुए है, लेकिन अब मुख्य रूप से सीआरपीएफ सुरक्षा व्यवस्था संभालेगी। ई-49 सीआरपीएफ श्रीनगर के कमांडेंट इंस्पेक्टर चरण सिंह जाटव ने बताया कि नगरोटा हलके में सीआरपीएफ के 100 जवानों को तैनात किया गया है, जो कि संवेदनशील मतदान केंद्रों में सुरक्षा की दृष्टि से अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे। निर्वाचन अधिकारी एवं एसडीएम सिद्धार्थ आचार्य ने बताया कि नगरोटा हलके में घोषित अति संवेदनशील मतदान केंद्रों में चाहड़ी दो-32, जलोट-67, अमतराड़ एक-74, देहरू ऐरला-95, डडोह-96 और घीण-103 और संवेदनशील मतदान केंद्रों में पटियालकड़ एक-03, पठियार एक-12, मस्सल एक-22, हटवास चार-28, कवाड़ी एक-35, नगरोटा चार-40, नगरोटा पांच-41, ठारू दो-44, रजियाणा तीन-52, सदरपुर एक-54, मूमता एक-61 और कंडोग-91 शामिल हैं। उन्होंने बताया कि हलके के मतदान केंद्र 39 नगरोटा बगवां और बलधर 7 को महिला मतदान केंद्र बनाया गया है। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग ने कीर चंबा स्थित राजकीय स्नात्तकोतर महाविद्यालय में स्ट्रांग रूम स्थापित किया है, जहां मतगणना तक सुरक्षा के दृष्टिगत पुलिस जवानों को तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि वीवीपैट, कंट्रोल यूनिट और 130 ईवीएम को एक कक्ष में 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों की नजर में रखा गया है। आयोग पहली से चार नवंबर तक वीडियोग्राफी के साथ मशीनों की कार्यप्रणाली प्रत्याशियों या उनके प्रतिनिधियों के समक्ष सार्वजनिक करेगा। वोटिंग मशीनों की प्रमाणिकता की परख और प्रत्याशियों तथा अधिकारियों की संतुष्टि के बाद मशीनों को सील कर सुरक्षा बलों के सुपुर्द कर दिया जाएगा। दो रिहर्सलों के बाद 7 नवंबर को पोलिंग पार्टियों को यहीं से विभिन्न मतदान केंद्रों को रवाना किया जाएगा। विस चुनावों में यह पहली बार है कि मतगणना की व्यवस्था नगरोटा बगवां में ही की गई है।