ज्वालामुखी (कांगड़ा)। उपरोजगार कार्यालय ज्वालामुखी में तैनात कर्मियों को जहां प्रदेश सरकार हर दिन का वेतन दे रही है, वहीं यहां पर तैनात इंचार्ज अपनी ड्यूटी देने में इतने गंभीर हैं कि उन्होंने किसी अधिकारी की रिटायरमेंट अटेंड करने के लिए पूरे कार्यालय को ताला ही लगा दिया। इस कारण मंगलवार को उपरोजगार कार्यालय में पंजीकरण करवाने आए युवा कार्यालय में लटका ताला देखकर मायूस होकर बिना पंजीकरण के ही वापिस लौट गए।
जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री ने ज्वालामुखी में उपरोजगार कार्यालय की सौगात दी थी, ताकि उन्हेें पंजीकरण और अन्य कामों के लिए देहरा में रोजगार कार्यालय में न जाना पड़े और ज्वालामुखी क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं का पंजीकरण घर द्वार पर ही सके, लेकिन मंगलवार को कार्यालय में ताला लटका मिला। जब इस पूरे मामले की पड़ताल की गई तो पता चला कि ज्वालामुखी के उपरोजगार कार्यालय के इंचार्ज और स्टाफ मंगलवार को दफ्तर आए ही नहीं और उनकी ओर से यह दलील दी जा रही है कि वे किसी अधिकारी की रिटायरमेंट अटेंड करने के लिए गए थे। इस वजह से मंगलवार को दफ्तर पर ताला लगा था।
कुछ युवाओं ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वे घलौर पंचायत से यहां पर पंजीकरण करवाने आए हैं। लेकिन, यहां पर आकर देखा तो मात्र बोर्ड की लटका हुआ है और कमरे के बाहर ताला लटका हुआ है। उन्हें पंजीकरण करवाना बेहद जरूरी था। वहीं कुछ युवाओं ने बताया कि जब वह देहरा रोजगार कार्यालय में जा रहे हैं तो उन्हें ज्वालामुखी क्षेत्र के होने के नाते यहां पंजीकरण करवाने भेजा जा रहा है, लेकिन यहां पर खोला गया दफ्तर बंद था। उपरोजगार कार्यालय ज्वालामुखी इंचार्ज बलबीर कुमार ने बताया कि कार्यालय खोल दिया गया है और ज्वालामुखी-खुंडिया का रिकॉर्ड देहरा से शिफ्ट किया जा रहा है। जो युवा कार्यालय में पहुंच रहे हैं, उनका पंजीकरण किया जा रहा है। लेकिन, उन्होंने स्पष्ट किया कि विधिवत कार्यालय की ओपनिंग अभी नहीं हुई है। उन्होंने माना कि मंगलवार को कार्यालय पूरी तरह से बंद था, क्योंकि किसी अधिकारी की रिटायरमेंट अटेंड करने गए हुए थे।