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ज्वालामुखी में तहसील में 10 का काम 100 रुपये में

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ज्वालामुखी मेें तहसील में 10 का काम 100 रुपये में
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छोटे स्टांप पेपर न मिलने से परेशान हो रहे लोग
अमर उजाला ब्यूरो
ज्वालामुखी (कांगड़ा)। ज्वालामुखी तहसील में शपथ पत्र और अन्य सरकारी दस्तावेजों में प्रमाण के तौर पर उपयोग किए जाने वाले स्टांप पेपर की समस्या पेश आ रही है। स्कूल में दाखिला, नाम परिवर्तन, एग्रीमेंट और छात्रवृत्ति के लिए दस रुपये के स्टांप पेपरों में शपथ पत्र बनाकर संस्थाओं में जमा किया जाता है, लेकिन 10 रुपये का स्टांप खत्म हो जाने से विद्यार्थियों के परिजनों और अन्य मामले को लेकर जरूरतमंदों की मुसीबतें बढ़ गई हैं।
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यही नहीं तहसील में 10 रुपये से लेकर 50 रुपये तक के स्टांप पेपरों की किल्लत की वजह से लोगों को 100 रुपये के स्टांप पेपर का मजबूरन इस्तेमाल करना पड़ रहा है। यह समस्या लगभग डेढ़ माह से पेश आ रही है। 10 रुपये के स्टांप की तलाश में स्टांप विक्रेता ट्रेजरी (कोषालय) और आम जनता सिविल कोर्ट और तहसील परिसर का चक्कर काट रही है। बताया जा रहा है कि 10 रुपये के स्टांप पेपर की समस्या लगातार बनी रहती है। इसकी वजह नोडल विभाग के पास से ही स्टांप नहीं आ रहे हैं। अब यह समस्या गरीब लोगों की जेब काट रही है। छात्रवृत्ति प्राप्त करने के लिए दिए जाने वाला शपथ पत्र 10 रुपये के स्टांप पेपर में देने का प्रावधान है, लेकिन 10, 20 और 50 का स्टांप नहीं मिलने की वजह से लोगों को 100 रुपये का स्टांप पेपर लेकर देना पड़ रहा है। स्टांप बिक्रेता संजीव ने बताया कि डेढ़ माह से किल्लत बनी हुई है, जिस वजह से मजबूरन 100 रुपये का ही स्टांप देना पड़ रहा है। उधर तहसील में आए छात्र सौरभ और विवेक ठाकुर ने बताया कि उन्हें शपथ पत्र बनवाना था, पर तहसील में 100 रुपये से कम स्टांप मौजूद ही नहीं है, इसलिए मजबूरन 100 रुपये का स्टांप पेपर खरीदना पड़ा। इस बाबत एसडीएम ज्वालामुखी राकेश शर्मा का कहना है कि देहरा ट्रेजरी में बात कर समस्या का जल्द हल किया जाएगा।
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