बंदरों, लावारिस पशुओं का हल तलाशें : वीरेंद्र
एंबुलेंस किसानों के दरवाजे पर देगी सेवाएं
अमर उजाला ब्यूरो
पालमपुर (कांगड़ा)। पुशपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि सदियों से पशु समाज के लिए लाभदायक रहे हैं। देशी नस्ल के पशुओं में उच्च गुणवत्ता का दूध पाया जाता है। इसमें औषधीय गुणों से भरपूर विटामिन ए-2 पाया जाता है।
पशु किसानों के लिए पैसे देने वाली एटीएम मशीन की तरह होते हैं, लेकिन फिर भी कि लोग पशुपालन और कृषि को छोड़ते जा रहे हैं। मंत्री ने प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के डॉ जीसी नेगी पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय में विश्व पशु चिकित्सा दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की। मंत्री ने कहा कि गरीबी रेखा से नीचे रह रहे लोगों को आजीविका मिशन से जोड़ा जा रहा है। वैज्ञानिकों से कहा कि वे बंदरों और लावारिस पशुओं के प्रबंधन के लिए हल तलाशें, जो किसानों के लिए मुसीबत बन चुके हैं। पशुपालन गतिविधियों को सुदृढ़ करअब पशु चिकित्सा एंबुलेंस किसानों के दरवाजे तक पहुंच कर पशुपालकों को पशु चिकित्सा संबंधी सेवाएं प्रदान करेंगी। पशु चिकित्सकों की भर्ती करने और सरकार की तरफ से डॉ. जीसी नेगी पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय को मिलने वाली अनुदान राशि को बढ़ाने की भी घोषणा की। कुलपति प्रो. अशोक कुमार सरयाल ने कहा कि पशुपालन एक ऐसा क्षेत्र है, जो किसानों की आय दोगुनी करने में सहायता कर सकता है। कार्यक्रम की कार्रवाई का संचालन डॉ. दिनेश कोफा ने किया। इस मौके पर प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष इंदु गोस्वामी, डीन पोस्ट ग्रेजुएट स्टडीज डॉ. आरके अग्निहोत्री सहित अन्य मौजूद रहे।