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Kangra News: जिले के बाजारों में यूपीआई से होता है 70 फीसदी भुगतान

Thu, 17 Sep 2026 01:53 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
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मनीष लुथरा
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धर्मशाला। डिजिटल इंडिया अभियान के तहत जिले के बाजारों में खरीदारी के दौरान नकद रखने का चलन तेजी से घटा है। करीब 70 फीसदी लेन-देन यूपीआई के माध्यम से हो रहा है। अधिकांश ग्राहकों और दुकानदारों ने कैश में लेन-देन करना लगभग छोड़ दिया है। केंद्र की ओर से 15 अक्तूबर से यूपीआई का नया ढांचा लागू किए जाने की खबरों के बीच धर्मशाला के बाजारों और व्यापारिक हलकों में सुगबुगाहट तेज हो गई है। बड़े लेन-देन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू होने की संभावना को लेकर कारोबारी वर्ग चिंता में है।
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व्यापारियों का कहना है कि मौजूदा दौर में छोटी से लेकर बड़ी दुकानों तक ग्राहक और विक्रेता दोनों ही डिजिटल पेमेंट पर निर्भर हैं। ऐसे में यदि व्यावसायिक लेन-देन पर अतिरिक्त शुल्क का बोझ पड़ता है, तो इसका सीधा असर व्यापार की संचालन लागत और मुनाफे पर पड़ेगा। यदि नए नियमों के तहत एमडीआर लागू होता है, तो कारोबारियों को अपने लाभ मार्जिन और भुगतान विकल्पों पर दोबारा विचार करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।

2000 रुपये तक रखे गए भुगतान की सीमा बहुत कम है। इसके चलते 2000 के भुगतान को बढ़ाकर 5000 तक करना चाहिए ताकि आम और छोटे दुकानदारों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े। -मनीष लुथरा, कारोबारी
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2000 रुपये के भुगतान में आम जनता को कोई नुकसान नहीं हैं लेकिन जो कारोबारी हैं उन्हें 2,000 तक के भुगतान करने पर कुछ अतिरिक्त राशि चुकानी होगी। -विजय, कारोबारी
बाजारों में 70 फीसदी भुगतान यूपीआई के माध्यम से होता है। इसी के चलते अब लोग कैश रखना पसंद नहीं कर रहे हैं। यदि यूपीआई पर अतिरिक्त भुगतान करना पड़ा तो इसका असर बाजार में भी देखने को मिल सकता है। -अनुज कश्यप, कारोबारी
नया नियम लागू होने से छोटे कारोबारियों को तो राहत है लेकिन कौन कारोबारी छोटा और कौन बड़ा इसकी जानकारी मिलना संभव नहीं हो पाएगा। हो सकता है कारोबारी किसी अन्य यूपीआई से ही भुगतान करना हो। -हर्ष ऑबराय, कारोबारी

मनीष लुथरा

मनीष लुथरा

मनीष लुथरा

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