-ज्वालामुखी, बज्रेश्वरी व चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में दिनभर लगी रहीं कतारें, मौसम साफ रहने से पहुंचे अधिक भक्त
-40,000 ने ज्वालामुखी मंदिर में, 12,000 ने बज्रेश्वरी मंदिर में व 10,000 ने श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में नवाया शीश
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संवाद न्यूज एजेंसी
ज्वालामुखी/कांगड़ा/चामुंडा। चौथे नवरात्र पर जिले के शक्तिपीठों में दिनभर लंबी कतारें लगी रहीं। रविवार की छुट्टी के चलते स्थानीय और अन्य राज्यों के श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई।
जिला के तीन प्रमुख मंदिरों में लगभग 62,000 श्रद्धालु दर्शन करने के लिए पहुंचे। ज्वालामुखी मंदिर में 40,000, कांगड़ा के बज्रेश्वरी मंदिर में 12,000 और श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में 10,000 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। जिला में पिछले दो दिनों से मौसम साफ रहने से श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी होने लगी है।
कांगड़ा के एसडीएम इशांत जसवाल ने कहा कि बज्रेश्वरी मंदिर कांगड़ा में ग्रीष्मकालीन चैत्र नवरात्रों के मेले चल रहे हैं। अधिक भीड़ के चलते सुरक्षा और सफाई व्यवस्था को बनाए रखने का कार्य भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। सुरक्षाकर्मी मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से दर्शन करवा रहे हैं।
उधर, ज्वालामुखी मंदिर अधिकारी अजय मंडयाल ने बताया कि मंदिर कार्यालय के बाहर नि:शुल्क दवाइयों का काउंटर भी लगाया गया है। श्रद्धालुओं को लाइन में ही दर्शनों के लिए भेजा जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा का पूरा इंतजाम किया गया है।
वहीं, श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम मंदिर के अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि बाण गंगा में नहाने पर पूर्ण प्रतिबंध है। पहले श्रद्धालुओं को 20 फीट दूर से दर्शन करने पड़ते थे लेकिन अब नवरात्रों में सभी श्रद्धालु मां चामुंडा के पास से दर्शन कर पा रहे हैं।
कांगड़ा में 4,01,097 व ज्वालामुखी में 9,87,392 लाख रुपये का चढ़ावा
कांगड़ा मंदिर अधिकारी शिवाली ठाकुर ने बताया कि तीसरे नवरात्र पर मंदिर में 4,01,097 रुपये का चढ़ावा चढ़ा। ज्वालामुखी में 9,87,392 लाख रुपये का चढ़ावा चढ़ाया गया है।
चामुंडा मंदिर में सुबह की आरती का सुमिरन करते श्रद्धालु। स्रोत: मंदिर
चामुंडा मंदिर में सुबह की आरती का सुमिरन करते श्रद्धालु। स्रोत: मंदिर