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बर्फ का पानी पिघलाकर पी रहे बरोट के बाशिंदे

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मुल्थान (कांगड़ा)। मुल्थान तहसील और बरोट में एक बार फिर से बर्फबारी और बारिश से जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। क्षेत्र के गांव जहां अंधेरे में डूबे हुए हैं, वहीं लोग बर्फ पिघलाकर पानी पीने को मजबूर हैं। इसके अलावा अधिकतर सड़कें यातायात के लिए अभी तक बहाल नहीं हो पाई हैं। दुर्गम क्षेत्र में हुई बर्फबारी हालांकि फसलों के लिए लाभकारी मानी जा रही है, लेकिन लोगों की मुसीबतें बढ़ गई हैं।
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जानकारी के अनुसार क्षेत्र में 3 सेंटीमीटर ताजा हिमपात हुआ। वहीं मुल्थान तहसील के बरोट गांव में रात से 6 सेंटीमीटर से 20 सेंटीमीटर तक हिमपात होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं मुख्य सड़क बरोट-घटासनी वाहनों के लिए खुली रही, जबकि बरोट-मियोट, बरोट-कोठी कोढ़, बरोट-मुल्थान-लोहारडी, थलटू-खोड मढ़ सड़कें बंद रहीं। इस दौरान मरीजों और अन्य लोगों को छोटी गाड़ियों व पैदल ही अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा।

फसलों के लिए संजीवनी बनी बर्फ
क्षेत्र के किसानों व बागबानों में चमेल, राम सिंह, मंगत राम, कृष्ण, संत राम, रमेश कुमार, सीता राम ने कहा कि यह बर्फबारी फसलों और फलों के लिए लाभदायक है। कई वर्षों के बाद क्षेत्र में इतनी बर्फबारी हुई है।
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कई फीट बर्फ से ढके रास्ते
मुल्थान तहसील और बरोट के ऊंचे गांव रोलिंग, भुजलिंग , पोलिंग, ज्धार, कोली रोलिंग, राज गुंधा, मलाह, कोठी कोढ़, उल्धार, सरमान, धर्माण में रास्ते अभी भी 30 सेंटीमीटर ताजा बर्फ से ढके हुए हैं, जबकि गांवों में पहले ही एक फुट तक बर्फबारी हुई है। गांव के लोग पानी को पिघलाकर पी रहे हैं। क्षेत्र के कई गांवों में बिजली व्यवस्था चरमराई हुई है, जिसके चलते कई गांव अभी भी अंधेरे में हैं।

कोट्स
मुख्य सड़क बरोट-घटासनी को बाधित नहीं होने दिया गया है। अन्य सड़कों को भी जल्द ही यातायात के लिए बहाल कर दिया जाएगा। - बलवीर, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग
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