गगल (कांगड़ा)। संत निरंकारी भवन सुन्नी में रविवार को सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज एवं राजपिता रमित के आदेशानुसार सुन्नी ब्रांच के मुखी महात्मा महिंद्र की अध्यक्षता में संगत ने विभिन्न प्रजातियों के 60 पौधे रोपे। महात्मा महिंद्र ने बाबा हरदेव सिंह के संदेश को याद दिलाते हुए कहा कि प्रदूषण अंदर हो या बाहर, दोनों ही हानिकारक हैं। यह विचार केवल पर्यावरण संरक्षण का आह्वान नहीं, बल्कि मानव चेतना को निर्मल और प्रकृति के प्रति उत्तरदायी बनाने की प्रेरणा है। इसी उद्देश्य के तहत संत निरंकारी मिशन वननेस वन-प्रकृति के साथ समरसता अभियान चलाकर पर्यावरण संतुलन के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। संवाद