टांडा में दो घंटे हड़ताल पर रहे डॉक्टर, ओपीडी ठप
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बैंक गारंटी और बांड की शर्तों पर भड़के डॉक्टर, मरीजों को हुई परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो
कांगडा। डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में मंगलवार को रेजिडेंट डॉक्टरों ने काले बिल्ले लगाकर प्रदर्शन किया। डॉक्टर पोस्ट ग्रेजुएशन करने के लिए पांच लाख की बैंक गारंटी और तीन साल तक हिमाचल में सेवाएं देने की शर्त का विरोध कर रहे हैं। चिकित्सकों ने सुबह साढ़े नौ से ग्यारह बजे तक पेन डाउन स्ट्राइक की। रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल से अस्पताल में दो घंटे तक ओपीडी सेवा ठप रही। इससे रोगियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
टीएमसी में लगभग 358 रेजिडेंट डॉक्टर कार्यरत हैं। आरडीए के बैनर तले डॉक्टरों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान आपात सेवाओं को प्रभावित नहीं होने दिया। आरडीए ने 14 फरवरी तक रोजाना सुबह दो घंटे पेन डाउन स्ट्राइक करने का फैसला लिया है। अगर सरकार ने अपनी शर्तें वापस नहीं लीं तो 15 फरवरी को टीएमसी में कार्यरत सभी सीनियर व जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर एक दिन का सामूहिक अवकाश करेंगे। उन्होंने मांगें न मानने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन की भी चेतावनी दी है।
पीजी करने से वंचित रह जाएंगे कई चिकित्सक
आरडीए के अध्यक्ष डॉ. अमित राणा और सचिव डॉ. अभिनव ने कहा कि यह चिकित्सकों के मौलिक अधिकारों का हनन है। डॉ. राणा ने कहा कि पांच लाख की बैंक गारंटी देने से कई गरीब परिवारों से संबंधित चिकित्सक पीजी करने से वंचित रह जाएंगे। वहीं पीजी करने के उपरांत तीन सालों तक प्रदेश में सेवाएं देने की शर्त से दूसरे राज्यों से टेस्ट क्वालिफाई कर यहां पर पढ़ाई करने वाले डॉक्टरों के भविष्य पर विपरीत असर पड़ेगा। डॉ. अमित ने कहा कि उनकी मांगें जायज हैं और सरकार को इन्हें तत्काल हल करना चाहिए। बैंक गारंटी को लेकर रुका हुआ स्टाइपंड जल्द रिलीज किया जाए। चिकित्सक अपना आंदोलन तब तक जारी रखेंगे, जब तक पीजी करने के लिए बैंक गारंटी की जरूरी शर्त, बांड और अन्य समस्याओं का तर्कसंगत हल नहीं निकल पाता है।