धर्मशाला। हिमाचल सरकार और जिला प्रशासन विरोधी नारों से मंगलवार को जोरावर स्टेडियम गूंज उठा। इस दौरान जहां प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी हुई, वहीं सिद्धबाड़ी से लेकर जोरावर स्टेडियम तक किसान सभा ने रैली भी निकाली।
इस विरोध प्रदर्शन में कांगड़ा, चंबा, कुल्लू, किन्नौर, लाहौल-स्पीति और सिरमौर जिला से संबंधित लोगों ने उपस्थिति दर्ज करवाई। विरोध प्रदर्शन के दौरान 250 के करीब विभिन्न जिलों से आए भेड़पालक, घुमंतू परिवारों और वन अधिकारों से वंचित लोगों ने भाग लिया। किसान सभा के प्रदेशाध्यक्ष अक्षय जसरोटिया की अगुवाई में निकाली गई इस विरोध रैली में छह जिलों के लोग मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि अभी तक यह धरना शांतिपूर्वक रहा है। अगर फिर भी राज्य सरकार ने उनके अधिकारों को बहाल नहीं किया तो वे अपना आंदोलन उग्र करने के लिए मजबूर होंगे। विरोध रैली के दौरान उन्होंने वन मंत्री के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की।
ये रखी मांगें
इस दौरान किसान सभा ने मांग की कि शीतकालीन सत्र में विशेष रूप से वन अधिकार कानून की चर्चा हो और जमीनी स्तर पर कानून को लागू करने के लिए प्रभावी दिशा-निर्देश जारी करने के लिए प्रस्ताव पारित हों। साथ ही राज्य सरकार उपखंड स्तर पर समिति और जिला स्तर पर समिति में लंबित पड़े व्यक्तिगत, सामुदायिक एवं घुमंतू पशुपालकों के दावों पर ठोस निर्देश जारी करने, वन भूमि हस्तांतरण पर सरकार सख्त कानून बनाए, वन भूमि नियमितिकरण के आवेदन पत्रों को मान्यता देने की मांग रखी।