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पैट्रोल पंप को एजेंसियां कर चुकी हैं असुरक्षित घोषित

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धर्मशाला। स्मार्ट सिटी धर्मशाला के कचहरी अड्डे की रौनक एक ही झटके में तबाही के मंजर में तब्दील होने से बच गई। पेट्रोल पंप के फ्यूल फिलिंग चैंबर की आग थोड़ी और फैल जाती तो पंप पर मौजूद 11 हजार लीटर पेट्रोल से न सिर्फ पंप बल्कि आसपास की दर्जनों दुकानें और प्रतिष्ठान भी चपेट में आ सकते थे। शनिवार को जिस समय यहां आग लगी थी, उस समय करीब एक दर्जन से अधिक चौपहिया वाहन, दो दर्जन से अधिक दोपहिया वाहन खड़े थे। पेट्रोल पंप के दस मीटर के दायरे में ढाबा, दुकानें, मिठाई की बड़ी दुकान जबकि 15 मीटर की परिधि में खनन और उद्योग विभाग के दफ्तर मौजूद हैं।
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प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो भीड़भाड़ वाला इलाका होने की वजह से पेट्रोल पंप की आग का पता लोगों को अपने स्तर पर ही चल गया। उन्हें जान बचाकर भागना पड़ा। वहीं, बारिश लगी होने के बावजूद आसपास के 30 मीटर दायरे तक पेट्रोल की तेज गंध महसूस की गई। दो दर्जन दुकानों, रेस्तरां और ढाबों सहित सरकारी विभागों के कार्यालयों वाले इलाके में हजारों लीटर पेट्रोल की आग किस कदर तबाही मचा सकती थी, यह सोचकर भी स्थानीय लोगों में सिहरन होती रही।
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असुरक्षित घोषित हो चुका है पेट्रोल पंप

सुरक्षा एजेंसियां पेट्रोल पंप को बरसों पहले असुरक्षित घोषित कर चुकी हैं। एजेंसियों का मानना है कि चौक में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, भीड़-भाड़ और वाहनों की आवाजाही को देखते हुए न केवल यहां पर पेट्रोल पंप सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक है। बल्कि यातायात की दृष्टि से भी चौक के बीचों-बीच इस पेट्रोल पंप पर कई सवाल उठ चुके हैं। मुख्य चौक पर स्थित पेट्रोल पंप में आग की घटना का पहला मौका नहीं है। इससे पूर्व भी आग लगने की कई छोटी-मोटी घटनाएं होती रही हैं।
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कोट्स
इस पेट्रोल पंप को दशकों पहले शुरू किया गया था। लेकिन अब शहर में भीड़भाड़ और यातायात काफी बढ़ चुका है। इस लिहाज से इस पंप को यहां से अन्य स्थान पर शिफ्ट करना समय की मांग है। - एसके चौधरी, फायर आफिसर धर्मशाला।
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