धर्मशाला। कांगड़ा जिला पुलिस के एक चालान ने अजीबोगरीब स्थिति पैदा कर दी है। पुलिस ने धर्मशाला में एक बाइक का नंबरी चालान काटा है, लेकिन हैरत की बात यह है कि उस समय बाइक सोलन में थी। अब सवाल यह उठ रहा है कि जब धर्मशाला में बाइक चली ही नहीं तो पुलिस ने नंबरी चालान कैसे काट दिया। कहीं, 31 मार्च के टारगेट के चक्कर में पुलिस से भूल तो नहीं हुई या कांगड़ा में एक ही नंबर की दो बाइकें पंजीकृत हैं।
धर्मशाला तहसील के एक बाइक चालक के घर कांगड़ा पुलिस ने नंबरी चालान का नोटिस भेजा है। पुलिस की ओर से भेजे गए नोटिस में बताया गया है कि बाइक का चालान शीला चौक में 20 मार्च को हुआ है। इस चालान को भुगतने के लिए पुलिस ने वाहन मालिक को 7 अप्रैल का समय दिया है, लेकिन पीड़ित वाहन मालिक का कहना है कि वह 6 मार्च से सोलन जिला में एक निजी कंपनी में अपनी ड्यूटी निभा रहा है। उसकी बाइक भी सोलन जिला में ही है। ऐसे में धर्मशाला में उसकी बाइक का नंबरी चालान कैसे हो सकता है। बाइक मालिक ने पुलिस प्रशासन से अपनी गलती सुधार कर उसे राहत पहुंचाने की मांग की है।
बौस
तो क्या फर्जी नंबर प्लेट लगा कर दौड़ रही गाड़ियां
पुलिस की कार्यप्रणाली से खफा वाहन मालिक ने कई सवाल खड़े किए हैं। उसने किसी अन्य बाइक चालक की ओर से उसकी बाइक का फर्जी नंबर लगाकर घूमने की आशंका जताई है। बाइक मालिक के अनुसार ऐसी स्थिति में अगर उक्त फर्जी नंबर प्लेट लगी बाइक किसी अनहोनी को अंजाम देती है तो इससे वह मुसीबत में फंस सकता है।
कोट
-ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए नंबरी चालान किए जाते हैं। ऐसा कोई फर्जी चालान काटा गया है, ऐसा मेरे ध्यान में नहीं है। अगर पुलिस से गलती हुई है तो इसे सुधारा जाएगा।
-संतोष पटियाल, एसपी कांगड़ा
-परिवहन विभाग की ओर से एक गाड़ी के 2 नंबर जारी नहीं किए जाते हैं। हो सकता है कि किसी व्यक्ति ने गलत नंबर अपनी बाइक पर लगाया हो, जिसकी वजह से ऐसा हुआ है।
-धर्मेश कुमार, एसडीएम, धर्मशाला