नगरोटा सूरियां (कांगड़ा)। नगरोटा सूरियां ब्लॉक की अमलेला पंचायत के जरपाल गांव में 20 नवंबर से डायरिया की चपेट में आए इलाके का शुक्रवार को आंकड़ा 260 से पार पहुंच गया है। छह दिन से डायरिया से जूझ रहे पूरे इलाके में लोगों की दिन और रात एक समान बीत रही है। शनिवार को मौके के हालात पर अमर उजाला ने प्रभावित परिवारों के बीच जाकर स्थिति जानने का प्रयास किया, लेकिन यहां दस्तूर इस कदर देखने को मिला कि दूर-दूर तक सैकड़ों परिवारों में मुश्किल से एक घर ऐसा नहीं मिला, जहां लोग और उनके बच्चे डायरिया की मार से न जूझ रहे हो। प्रकोप की वजह माने जा रहे पेयजल टैंक का मुआयना भी किया गया। यहां आईपीएच विभाग के ज्वाली उपमंडल से पहुंचे एक्सईएन विशाल जसवाल, एसडीओ नगरोटा सूरियां आशीम कुमार और दल बल पहले से मौजूद मिला। वहीं, एकजुट हुए गांव के बाशिंदों ने उन्हें खरी खरी सुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। वहीं, पता चला कि मामला इतना बढ़ने के बाद भी विभाग ने संक्रमण की वजह माने जा आशंकित पेयजल टैंक की तसल्ली बक्श सफाई करवाने में महज औपचारिकता की है। लोगों ने बताया कि बीते सोमवार से सामने आए डायरिया मामले पर आनन-फानन में आइपीएच विभाग ने उसी दिन औपचारिक तौर पर बचा पानी निकाल दिया और सफ़ाई में भी लापरवाह रवैया रखा। वहीं विभाग के अफसरों का कहना है कि मामला उठने पर एक दिन में ही उनके लोगों ने जरपाल टैंक को साफ कर दवाई छिड़क दी है। मौके पर एक्सईएन साहब ने मीडिया के सामने नए टैंक को चालू करने का त्वरित आदेश भी दे दिया।
स्वास्थ्य विभाग ने बांटी नवंबर माह में एक्सपायर होने वाली दवाइयां
जरपाल गांव के जोनटलु निवासियों में कुलदीप कुमार, भागो देवी, सुरेश कुमार, राम प्रसाद के परिवार सदस्यों को उनके हालात पर बातचीत की गईं तो पता चला कि सोमवार से इलाके में फैले संक्रमण पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नवंबर माह में एक्सपायर होने वाली दवाईयों की खेप को खत्म करने का अभियान छेड़ दिया है। इसी का नतीजा है कि डायरिया प्रभावित लोगों को नवंबर माह में एक्सपायर होने वाली दवाईयां बांटना शुरू कर दिया है। इन सभी परिवारों को राहत के तौर पर प्रदान की दवाईयों में एंटी वैक्टीरियल और एंटीबायोटिक दवा मेट्रोनिडाजोल के तमाम टेबलेट पर नवंबर माह की तिथि तक प्रयोग करने के मुहर मिली। ऐसे ही हालात अपर अमलेला और बड्डल इलाके में भी देखने को मिले। लोगों ने बताया कि स्वास्थ्य और आइपीएच विभाग की टीमें मौके हालात पर खानापूर्ति कर रहे हैं। अपर अमलेला के सुभाष चंद, किशन चंद, रघुवीर सिंह, तिलक राज, सुरेश सिंह, सुरूप सिंह, रत्न सिंह, हंस राज, बड्डल इलाके के सरन दास, हुकुम चंद, जोंड्डू राम और दर्जनों लोगों के परिवार सदस्य डायरिया के चलते एक हफ्ते से बिस्तर पर पड़े हैं। इन लोगों का कहना है कि छह दिनों से उनके घरों में ढंग से चूल्हा नही जला है। पानी के नाम पर ही अब उन्हें दहशत सी हो गई है। लोगों ने आईपीएच विभाग पर यहां तक आरोप लगाया है कि पिछले साल भी जरपाल पेयजल टैंक में एक जानवर मरा मिला। फिर भी टैंक के लकड़ी के बने ढक्कन को बदला नहीं गया। अब जाकर विभाग की खिंचाई हुई है तो आनन फानन में लोहे का गेट बना है।