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खतरे में सीयू शाहपुर कैंपस, धंसने लगी बेसमेंट

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छतड़ी (कांगड़ा)। ठियोग में एचआरटीसी भवन हादसे की तरह ही सेंट्रल यूनिवर्सिटी के शाहपुर कैंपस भी खतरा मंडरा रहा है। 2010 से डिग्री कॉलेज शाहपुर के किराये के भवन में अस्थायी तौर पर स्थापित किए गए तीन मंजिला केंद्रीय विवि कैंपस का ग्राउंड फ्लोर दिनप्रतिदिन जमीन में धंसता जा रहा है।
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साइंस लैबोरेट्री के कमरे में तो दीवारों पर बड़ी-बड़ी दरारें आ चुकी हैं। वहीं, कमरे का फर्श तक जमीन में धंस गया है। यदि और थोड़ी भी लापरवाही बरती जाती है तो एकतरफ का पूरा तीन मंजिला भवन गिर कर सैकड़ों की जान ले सकता है। इसमें विवि प्रबंधन की लापरवाही भी साफ तौर पर सामने आ रही है। आलम यह है कि भवन के गिरने के डर से छात्र और फैकल्टी सदस्य भी डर के साये में काम निपटा रहे हैं और डर के साए में कक्षाएं चल रही हैं। कुछेक फैकल्टी सदस्यों ने नाम न छापने की तर्ज पर खुलासा किया है कि विवि में अरसे से भवन की बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सवालों में रही है। उनका कहना है कि हो सकता है कि भवन बनाने के दौरान ठेकेदार ने क्वालिटी से समझौता किया हो, लेकिन विवि प्रबंधन की ओर से भी देखरेख में लापरवाही बरती जा रही है। तीन मंजिला भवन की बेसमेंट में कई जगह पर फर्श तक धंस गया है। साइंस प्रयोगशाला में तो साफ देखा जा सकता है कि दीवारों पर बड़ी-बड़ी दरारें पड़ चुकी हैं। वहीं, दीवारों के पिलर तक जमीन में धंसते जा रहे हैं। उनका कहना है कि कांगड़ा जिला पहले से ही भूकंप की हाई रेंज में है। अक्सर यहां थोड़े बहुत झटके लगते रहे हैं, ऐसे में सीयू भवन में यदि थोड़ी सी भी हलचल होती है, तो नतीजा साफ है। साथ ही लगातार हो रही बरसात से भी भवन की सुरक्षा और दांव पर लग गईं है। मामले की गंभीरता पर केंद्रीय विवि के शिक्षक संघ ने भी कुलपति समेत अन्य पदाधिकारियों को पत्र लिख अवगत करवाया है। सूत्रों के अनुसार मसले पर लोक निर्माण विभाग के अधिकारी भी दौरा कर चुके हैं, अब विवि प्रबंधन रिपोर्ट आने के इंतजार में है। वहीं, प्रो. वीसी डॉ. एचआर शर्मा ने बताया कि मामले पर उनकी पीडब्लयूड़ी अधिकारियों से अभी बातचीत नहीं हुई है। फिलहाल मसले पर कुछ नहीं कहा जा सकता है।
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