चामुंडा माता मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। स्रोत: जागरूक पाठक
चामुंडा (कांगड़ा)। श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में पहले दिन करीब 4,000 श्रद्धालुओं ने शीश नवाकर सुख-समृद्धि की कामना की। वीरवार सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। भक्तों ने पूजा-अर्चना कर मां चामुंडा का आशीर्वाद प्राप्त किया।
मेलों के मद्देनजर प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की ओर से सुरक्षा तथा व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा दृष्टि से बाणगंगा नदी में स्नान करने तथा मंदिर परिसर के भीतर नारियल ले जाने व चढ़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और निर्धारित स्थानों पर ही दर्शन व पूजा करें। मंदिर प्रशासन का अनुमान है कि आगामी दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या में और इजाफा होगा। इसके लिए सुरक्षा व नागरिक सुविधाओं को और सुदृढ़ किया जा रहा है।
लंगर सेवाओं का शुभारंभ
श्रावण अष्टमी के उपलक्ष्य पर विभिन्न लंगर संस्थाओं ने सेवा शुरू करने से पूर्व मां चामुंडा को भोग अर्पित किया। इसके पश्चात श्रद्धालुओं के लिए भोजन व प्रसाद वितरण (लंगर) का श्रीगणेश किया गया। लंगर संचालकों ने कहा कि माता के दरबार में आने वाले भक्तों की सेवा करना उनके लिए परम सौभाग्य की बात है।