बैजनाथ (कांगड़ा)। उपमंडल के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल उतराला के तहत आने वाले राजकीय माध्यमिक विद्यालय लौट के भवन की हालत जर्जर है। स्कूल के छात्र धूप में खुले बैठने के लिए मजबूर हैं। स्कूल में पांचवीं से आठवीं कक्षा तक 40 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। करीब 65 वर्ष पूर्व 1959 में शुरू हुए इस विद्यालय में तीन कमरे हैं और प्री प्राइमरी रूम की हालत सबसे दयनीय है। इस कमरे की छत में डाले गए लकड़ी के दो बड़े पिलर कमरे के अंदर गिरे हुए हैं और इससे बच्चों के डेस्क को भी नुकसान हुआ है। वीरवार को भी स्कूल के एक कमरे की छत का कुछ भाग नीचे गिर गया। गनीमत यह रही कि यह छत स्कूल के समय में नहीं गिरी, नहीं तो कोई बड़ा हादसा पेश आ सकता था।
हालांकि इस कमरे में एलईडी लगी होने के साथ-साथ इसको स्लोगन व वाल पेंटिंग से बड़े अच्छे तरीके से सजाया गया है। अन्य कमरों की हालत भी बदतर बनी हुई है और यह कभी भी नीचे गिर सकते हैं।
गांव वासियों का कहना है कि छात्रों की अच्छी संख्या के बावजूद यह स्कूल अनदेखी का शिकार रहा है। स्कूल के कमरों की समय पर मरम्मत न होने पर यह कभी भी गिर सकते हैं। स्कूल की एसएमसी प्रधान मधु ने बताया कि इस संबंध में उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। शिक्षा उपनिदेशक प्रारंभिक अजय संवियाल ने बताया कि वह जल्द ही स्कूल का दौरा करेंगे और इस संबंध में उचित कदम उठाया जाएगा।