इंदौरा (कांगड़ा)। उपमंडल इंदौरा के अंतर्गत तारा खड्ड क्षेत्र में चंबा के तीन पशुपालकों पर कुदरत का कहर टूटा है। घास चरने के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से उनकी 32 भेड़ों की मौत हो गई, जबकि करीब 90 भेड़ें बीमार पड़ गईं।
जानकारी के अनुसार जिला चंबा की तहसील चुराह के गांव चचूल निवासी तीन भाई आजाद मुहम्मद, गुलाम नवी और लेनू राम अपनी करीब 150 भेड़ों के साथ पिछले चार महीनों से इंदौरा क्षेत्र में डेरा डाले हुए थे। आजाद मुहम्मद ने बताया कि वे पिछले 10 वर्षों से हर साल सर्दियों में यहां आते हैं।
शनिवार शाम को घास चरने के बाद अचानक 90 भेड़ें बेसुध होकर गिरने लगीं। देखते ही देखते आजाद मुहम्मद की 17, गुलाम नवी की 10 और लेनू राम की 5 भेड़ों ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। हालांकि शेष भेड़ें कुछ समय बाद धीरे-धीरे ठीक हो गईं। प्राथमिक आशंका जताई जा रही है कि खड्ड किनारे किसी जहरीली घास या दूषित पदार्थ के सेवन से यह हादसा हुआ है।
घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम इंदौरा सुरेंद्र ठाकुर ने पशु चिकित्सा विभाग, तहसीलदार और पटवारी की टीम को मौके पर भेजा। एसडीएम ने कहा कि राजस्व और पशुपालन विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया है। प्रभावित पशुपालकों को राहत प्रदान करने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू कर दी है। संवाद