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अपने सीसीटीवी खराब, दूसरों से फुटेज मांगती रही पुलिस

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अपने सीसीटीवी खराब, दूसरों से फुटेज मांगती रही पुलिस
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पिछले कई माह से बंद पड़े हैैं पुलिस के सीसीटीवी कैमरे
अमर उजाला ने 29 अगस्त को प्रमुखता से उठाया था मामला
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। कई दिनों से खराब चल रहे पुलिस थाना धर्मशाला के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की अहमियत पुलिस को शुक्रवार को महसूस हुई। सड़क हादसे को अंजाम देकर फरार युवक की पहचान के लिए पुलिस शहर की दुकानों और अन्य संस्थानों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगालती रही और छात्रा को बाइक से कुचल कर भागने वाले आरोपी के बारे में सुराग ढूंढती रही। हालांकि जिस रास्ते से युवक ने डिपो बाजार की तरफ बाइक को दौड़ाया था, ठीक उसके सामने धर्मशाला पुलिस के दो सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे। इनमें से एक सीसीटीवी कैमरा एचडी क्वालिटी का था, लेकिन वह भी बंद होने के कारण बाइक चालक का कोई सुराग पुलिस को नहीं लग पाया। पुलिस के खराब चल रहे सीसीटीवी कैमरों के बारे में अमर उजाला समाचार पत्र ने अपने 29 अगस्त के अंक में पुलिस की तीसरी आंख बंद शीर्षक से समाचार भी छापा था। बावजूद इसके एक माह बीत जाने के बाद भी पुलिस ने खराब पड़े इन कैमरों को ठीक करवाने की जहमत नहीं उठाई। वहीं, चक्का जाम पर बैठे केंद्रीय विश्वविद्यालय के छात्र भी पुलिस को अमर उजाला में छपे इस समाचार से संज्ञान न लेने बारे कोसते रहे। अगर पुलिस ने समय रहते इन सीसीटीवी कैमरों को ठीक करवा लिया होता तो दुर्घटना को अंजाम देने के बाद फरार चालक को आसानी से पकड़ा जा सकता था। बहरहाल एक बार फिर शहर में खराब पड़े सीसीटीवी कैमरों की अहमियत पुलिस को सदर थाना के सामने पेश आया हादसा दिला गया।
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