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चैक बाउंस होंने पर एक साल की कैद

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चेक बाउंस होने पर एक साल की कैद
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बैजनाथ (कांगड़ा)। माननीय न्यायाधीश प्रथम श्रेणी बैजनाथ की अदालत ने चेक बाउंस के मामले में दोषी व्यक्ति को एक साल की सजा सुनाई है। हिमाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक के अधिवक्ता आदित्य घोघरा ने बताया कि उमेश कुमार पुत्र जय राम निवासी जंडपुर ने दो जून 2010 को हिमाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक शाखा बीड से ट्रक खरीदने के लिए सात लाख 50 हजार रुपये का लोन लिया था। तय समय तक उसने बैंक को उस कर्जे की राशि का भुगतान नहीं किया, तब बैंक ने सरफेसी एक्ट के तहत सेल एंड सीजर के तहत उस ट्रक की नीलामी करवाई गई। इससे प्राप्त राशि को व्यक्ति के खाते में डाल दिया। जब बैंक प्रबंधन ने उसके अतिरिक्त बकाया राशि का भुगतान करने को कहा तो उमेश कुमार ने 3,69,000 रुपये की राशि का चेक ग्रामीण बैंक को दिया। चेक अकाउंट में पर्याप्त राशि न होने के कारण बाउंस हो गया। बैंक प्रबंधन इस मामले को अपने अधिवक्ता के माध्यम से अदालत में ले गया जहां पर कोर्ट ने मामले में बैंक का पक्ष रखते हुए दोषी उमेश कुमार पुत्र जय राम निवासी जंडपुर को एक साल की सजा सुनाई है।
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