धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश सरकार की 'हिम गंगा योजना' के तहत धर्मशाला सर्किल में करीब 300 सहकारी सोसायटियों का पंजीकरण हो चुका है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देना और पशुपालकों को दूध का उचित मूल्य दिलाना है। पंजीकृत सोसायटियों के माध्यम से किसानों से सीधे दूध की खरीद की जाएगी।
योजना के अंतर्गत ग्रामीण स्तर पर दूध संग्रहण और प्रसंस्करण की व्यवस्था मजबूत की जा रही है। इससे गांवों में ही दूध एकत्र कर आगे भेजने की सुविधा मिलेगी। सोसायटियों के सक्रिय होने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर बनेंगे। साथ ही दूध की गुणवत्ता जांच और बुनियादी सुविधाओं के विकास में मदद मिलेगी।
जिला सहकारिता विभाग के एडिशनल एवं डिप्टी रजिस्ट्रार चैन लाल ठाकुर का कहना है कि एक सर्किल में कम से कम 250 दुग्ध सोसायटियों का पंजीकरण होना जरूरी है। अधिकतम की कोई सीमा नहीं है। संख्या जितनी अधिक हो उतना बेहतर है लेकिन संख्या 250 से कम नहीं होनी चाहिए। संवाद