ज्वालामुखी (कांगड़ा)। विश्व विख्यात शक्तिपीठ ज्वालामुखी मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा का ख्याल रखते हुए प्राथमिकता पर रेन शेल्टर, शौचालय और स्नानागार बनाए जाएंगे। इसके साथ ही प्राचीन भैरों मंदिर पर 30 लाख खर्च होंगे और अकबर नहर का भी जीर्णोद्धार किया जाएगा।
वीरवार को ज्वालामुखी मंदिर न्यास की बैठक एसडीएम मनोज ठाकुर की अध्यक्षता में हुई। विधायक रमेश धवाला विशेष आमंत्रित सदस्य के तौर पर उपस्थित हुए। मंदिर अधिकारी तहसीलदार निर्मल सिंह ठाकुर ने सरकारी व गैर सरकारी सदस्यों का स्वागत किया। निर्णय लिया गया कि इस वर्ष करीब साढे़ 13 करोड़ मंदिर के विकास कार्य व अन्य कार्यों पर खर्च किए जाएंगे। बैठक में निर्णय लिया गया इस वर्ष विकास कार्यों पर 2 करोड़ 70 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसमें प्राचीन भैरव मंदिर पर 30 लाख, टेढ़ा मंदिर में पानी के टैंक आदि के लिए 15 लाख, मंदिर के नजदीक नाले के पास लंगर भवन के पास 20 लाख, मंदिर में ग्रिल आदि लगवाने पर 10 लाख, पेंटिंग रंग आदि करवाने के लिए 10 लाख, टेढ़ा मंदिर के सौंदर्यीकरण और रास्तों के निर्माण के लिए 35 लाख, अकबर की नहर के जीर्णोद्धार पर 15 लाख, मंदिर परिसर के अंदर संगमरमर को बदलने के लिए 30 लाख, चारदीवारी के लिए 10 लाख, म्यूजियम और बकरों के लिए भवन बनाने के लिए 50 लाख, स्टाफ क्वार्टर के लिए 10 लाख, मंदिर के मुख्य भवन की छत के निर्माण को 10 लाख का बजट में प्रावधान किया गया है।
बैठक में तहसीलदार ज्वालामुखी दीनानाथ, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग दिनेश कुमार धीमान, सहायक अभियंता विद्युत बोर्ड करण गुलेरिया, थाना प्रभारी ज्वालामुखी जीत सिंह, कनिष्ठ अभियंता जल शक्ति विभाग राकेश कुमार, सहायक अभियंता मंदिर शमशेर सिंह, कनिष्ठ अभियंता जितेंद्र शर्मा, मंदिर के अधिकारी कर्मचारी मंदिर न्यास ज्वालामुखी के सरकारी व गैर सरकारी सदस्य गण बैठक में उपस्थित रहे।
सराय बनेगी, सफाई कर्मियों के पद भरेंगे
इसके अलावा प्राकृतिक आपदाओं के लिए पांच लाख, नवरात्र उत्सव के लिए 3 लाख, रेडक्रॉस के लिए 10 लाख, ज्वालामुखी रेडक्रॉस के लिए 5 लाख, मातृ सदन संचालन के लिए 5 लाख, भवन मरम्मत के लिए 50 लाख, धार्मिक सांस्कृतिक आयोजन के लिए 5 लाख, गरीब लड़कियों की पढ़ाई के लिए 5 लाख व अन्य कई कार्यों के लिए बजट में प्रावधान किया गया है। बैठक में चर्चा की गई कि मंदिर में सफाई कर्मचारियों के रिक्त पद भरे जाएं, मंदिर की एक धर्मार्थ सराय बनाई जाए, मंदिर में विकलांग लोगों को दर्शन करवाने के लिए विशेष प्रावधान किया जाए, ज्वालामुखी मंदिर मार्ग से खोली गई पुरानी कैनोपी के सामान का उपयोग करके तारा देवी व भैरव मंदिर के लिए किया जाए।