दो साल बाद भी नहीं लगीं हटाई गईं सोलर लाइटें
शाम ढलते ही अंधेरे में डूब रही व्यावसायिक नगरी
अमर उजाला ब्यूरो
जसूर (कांगड़ा)। क्षेत्र को सोलर लाइट लगाकर कस्बे में रात के लिए प्रकाश व्यवस्था की गई थी, लेकिन जसूर कस्बे के नवीनीकरण के चलते लगभग 3 वर्ष पूर्व इन सोलर ट्यूबलाइट को हटाया था। अब बाजार के नवीनीकरण का कार्य समाप्त हुए दो साल से ज्यादा का वक्त बीत चुका है। बावजूद इसके व्यापारिक कस्बे में दोबारा ट्यूब लाइट लगाने की ओर कोई ध्यान नहीं दिया है। हैरानी की बात यह है कि किसी भी स्थानीय संस्थान ने यह जानने की कोशिश नहीं की कि प्रकाश व्यवस्था बहाल क्यों नहीं हो पाई और कस्बा अंधेरे में क्यों डूबा है। स्थानीय निवासियों संसार चंद, सीपी महाजन, पूर्ण गुलेरिया, कमलेश शर्मा, सूरज, मुकुल, अश्विनी, साहिल सूरी, राकेश शर्मा और तरसेम शर्मा आदि ने सरकार से मांग की है कि इस कस्बे के प्रकाश व्यवस्था को पुन: बहाल की जाए तथा सीसीटीवी कैमरे भी दोनों चौकों पर लगाए जाएं। वहीं, नूरपुर के विधायक राकेश पठानिया ने कहा कि पंचायत या किसी अन्य संस्थान ने कभी भी कस्बे में लाइट के संदर्भ में बात उनके ध्यान में नहीं लाई है। कस्बे की प्रकाश व्यवस्था बहाल करने के लिए प्रयास किया जाएगा। वहीं पूर्व विधायक अजय महाजन ने कहा कि कस्बे में सोलर लाइट उनके विधायक काल में लगाई गई थी। निर्माण कार्य के चलते लाइटें हटानी पड़ी थी, लेकिन वर्तमान विधायक एक साल बीत जाने पर क्षेत्र में लाइटें लगाने में नाकाम रहे हैं। उधर, कस्बे के प्रधान रजनी महाजन ने बताया कि कस्बे में निर्माण कार्य के चलते सोलर लाइट निकालते समय कुछ क्षतिग्रस्त हुई थीं, बाकी बची लाइट्स को जगह चयनित कर लगा दिया जाएगा।