बिना चिकित्सा जांच कट रहे बकरे
स्लॉटर हाउस में 2014 से बंद पड़ा है मांस की जांच का सिलसिला
मीट खाने के शौकीनों की सेहत से हो रहा खिलवाड़
अनिल भंडारी
नगरोटा बगवां (कांगड़ा)। नगरोटा बगवां में बिना डॉक्टरी जांच के बिक रहे मांस और मापदंडों को ताक पर रख कर इस्तेमाल किए जा रहे स्लाटर हॉउस से मीट खाने के शौकीनों की सेहत से खिलवाड़ हो रहा है। स्लाटर हाउस में साल 2014 से मांस की कोई भी चिकित्सकीय जांच नहीं हो रही है। इतना ही नहीं नगर परिषद नगरोटा बगवां मीट कारोबारी से प्रति नग 40 रुपये चिकित्सकीय जांच का अभी भी वसूल रही है। इसमें जांच करने वाले पशु चिकित्सक को दिए जाने वाला इंसेंटिव भी शामिल है।
प्रशासन और विभाग की इस कारगुजारी से नगरोटा बगवां में बिकने वाले मांस की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं, इसे खाने वाले लोगों की सेहत से भी खिलवाड़ हो रहा है। इसके अलावा स्लाटर हाउस की हालत ऐसी है कि चारों तरफ बदबू फैली रहती है।
नप के दायरे में आने वाले नगर के वार्ड नंबर-पांच में रिहायशी इलाके के साथ स्थित स्लाटर हाउस में पूर्व में भेड़ बकरों को काटने के बाद बाकायदा मांस की जांच के बाद पशु चिकित्सक उसे पास कर मुहर लगाते थे, लेकिन कुछ सालों से नप के कथित नकारात्मक रवैये के चलते यह सिलसिला बंद है। उधर, निवर्तमान पशु चिकित्सक डॉ. रजनीश ने बताया कि उनके कार्यकाल में 2012 से 2014 तक तो कटे हुए मांस की जांच होती रही, लेकिन उसके बाद अचानक मांस की जांच का काम बंद हो गया। इस बारे कई बार नप को लिखित में सूचित भी किया गया। लेकिन पहले की स्थिति बहाल नहीं हो सकी।
नप को कई बार दी लिखित में सूचना : मोहित
स्थानीय पशु चिकित्सालय के डॉक्टर मोहित महाजन ने बताया कि वे नगर परिषद को कई बार काटे जाने बाले पशुओं की जांच के लिए लिखित में दे चुके हैं। लेकिन नतीजा शून्य है।
कोट
संबंधित नप के आग्रह पर दी जाती है सेवा: अजमेर
पशु चिकित्सा विभाग के धर्मशाला स्थित उप निदेशक अजमेर सिंह ने बताया कि संबंधित नप के कहे जाने पर क्षेत्र का पशु चिकित्सक जांच के लिए अपनी सेवाएं मुहैया करवाता है।
कोट
फूड सेफ्टी निरीक्षक का अधिकार क्षेत्र : सुरेश
नगरोटा बगवां स्थित खाद्य निरीक्षक सुरेश ठाकुर का कहना है कि मांस की गुणवत्ता का निरीक्षण फूड सेफ्टी निरीक्षक के अधिकार क्षेत्र में है।
कोट
निरीक्षक दुकान में जाकर करता है जांच : राणा
सीएमओ डॉ. आरएस राणा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का निरीक्षक दुकान पर जाकर मांस और साफ सफाई की जांच कर सकता है।
पशु चिकित्सा अधिकारी को लिखा जा रहा पत्र: चमन
नगर परिषद के ईओ चमन लाल कपूर ने बताया कि स्लाटर हाउस में काटे जाने बाले पशुओं की नियमित रूप से जांच करने और उन्हें पास करने को स्थानीय सरकारी पशु चिकित्सा अधिकारी को पत्र लिखा जाएगा। हालांकि मौजूदा स्लाटर हाउस के इस पुराने भवन की साफ सफाई करवाई जाती है, लेकिन नप ने नए स्लाटर हाउस के भवन निर्माण के लिए भूमि का चयन भी कर लिया गया है। वहां निकट भविष्य में मापदंडों के अनुसार स्लाटर हाउस का निर्माण शुरू किया जाएगा।