अमर उजाला ब्यूरो
पालमपुर(कांगड़ा)। उपमंडल पालमपुर के लटवाला और बगौड़ा में सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग की बड़ी कोताही सामने आई है। इन दोनों गांवों में आईपीएच विभाग ने लोगों को गंदा पानी पिलाया है, इस कारण ही गांव में डायरिया फैला। मंगलवार को टांडा से आई पानी की सैंपल रिपोर्ट में यह बात सामने आई है।
टांडा भेजे गए पानी के सभी सैंपल फेल हो गए हैं। हालांकि आईपीएच विभाग ने पानी की क्लोरीनेशन कर फिर से पानी के सैंपल चंडीगढ़ लैब में जांच के लिए भेजे हैं। डायरिया फैलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने पानी के दो सैंपल भर कर इसे जांच के लिए टांडा भेजा था। इसकी रिपोर्ट आ गई है। हालांकि, डायरिया फैलने के बाद दोनों गांवों को जाने वाली पानी की सप्लाई को बंद कर दिया था। साथ ही टैंक की सफाई करने के बाद क्लोरीनेशन भी कर दी थी। आईपीएच विभाग ने भले ही पानी के टैंक समेत अन्य स्रोतों की सफाई कर दी हो, लेकिन अब तक फैले डायरिया का दोषी आईपीएच विभाग को माना जा रहा है। इसे देख आईपीएच विभाग ने लटवाला गांव में पानी भी बंद कर दिया था। लटवाला और बगौड़ा में इस समय करीब 30 मरीज डायरिया की चपेट में आ चुके हैं। उधर, एसडीएम बलवान मंढोत्रा ने कहा कि पानी की रिपोर्ट के सैंपल आ गए हैं। सभी सैंपल फेल हो गए हैं।
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मंगलवार को सामने आए तीन नए मामले
मंगलवार को तीन नए मामले डायरिया के सामने आए हैं। इसमें दो लटवाला और एक बगौड़ा का मामला है। तीनों मामलों में मरीजों का उपचार कर उनको दवाई देकर घर वापस भेज दिया है।