लंज(कांगड़ा)। शाहपुर विधानसभा क्षेत्र की मनेई पंचायत में एक दशक से सड़क का काम पूरा नहीं हो पाया है। इससे क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक गांवों को अभी भी सड़क सुविधा से महरूम रहना पड़ रहा है। नावार्ड के तहत पंदरेला, मोवा और गुजरेडा गांव को जोड़ने वाली सड़क का शिलान्यास नौ साल पहले 28 दिसंबर 2008 को शाहपुर की विधायक सरवीण चौधरी ने किया था, लेकिन अभी तक इस सड़क का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। इससे गांव के हजारों लोगों को आपातकाल में सड़क सुविधा नहीं मिल पा रही है। बीमारी के हालत में अस्पताल पहुंचने से पहले ही मरीज दम तोड़ देते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि एक तरफ उफनती गज खड्ड और जंगली इलाके के बीच में बनाई गई कच्ची सड़क चलने योग्य भी नहीं है। स्थानीय निवासी विनोद शर्मा, जोगिंद्र, रंजना, सूतो राम, अमरनाथ, शिव कुमार, रमन, अर्पण कुमार, परस राम, अशोक कुमार, रवि कुमार, अंजना देवी, शशी मोहम्मद, नेक मोहम्मद, रोजदीन, वीरदीन, भुट्टो बीबी, वली मोहम्मद, नूरदीन, सीमा बीबी और जरनैल सिंह आदि ने बताया कि गांवों में सड़क सुविधा न होने से यहां के युवाओं के साथ शादी करने के लिए लड़कियां मना कर देती हैं। उन्होंने शहरी विकास मंत्री सरवीण चौधरी से सड़क का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करवाने की मांग की है।
दो साल पहले शुरू हुआ था डंगों का काम
स्थानीय लोगों का तर्क है कि दो साल पहले सड़क पर डंगे और पुलिया बनाने का काम शुरू हुआ था, लेकिन वह काम आगे नहीं बढ़ सका है। सड़क के लिए जो पुलिया और डंगे लगाए गए थे। वे पहली ही बरसात की मार नहीं झेल पाए। अब वे डंगे भी टूट चुके हैं और पुलियों का कहीं-कहीं तो निशान भी नहीं रहा है।
करीब डेढ़ करोड़ से बननी थी सड़क
सड़क करीब एक करोड़ 57 लाख 10 हजार 57 रुपये से बननी थी। यह पैसा कहां खर्च हुआ है, इसकी लोगों को कोई जानकारी नहीं है। क्योंकि सड़क पर गुजरेडा से लेकर प्राइमरी स्कूल तक सोलिंग डाली गई थी, जबकि कुछ पुलियां और डंगे लगाए गए।
कोट
प्राथमिकता के आधार पर होंगे काम : सरवीण
शाहपुर की विधायक एवं शहरी विकास मंत्री सरवीण चौधरी ने बताया कि पूर्व सरकार ने उनके शुरू किए विकास कार्यों को नहीं होने दिया। वहीं जो कार्य शुरू हुए थे, उन्हें अधूरा छोड़ा गया। अब इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर करवाया जाएगा।