अमर उजाला ब्यूरो
नगरोटा सूरियां (कांगड़ा)। नगरोटा सूरियां ब्लॉक की अमलेला पंचायत के जरपाल गांव में 260 लोगों के डायरिया की चपेट में आने के बाद क्षेत्र में पानी के टैंक में किसी जानवर, बंदर या सांप के मरने की अफवाह फैल गई है।
शुक्रवार को नगरोटा सूरियां सीएचसी में दो महिला मरीज भर्ती हुईं, जबकि अन्य भर्ती मरीजों को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है। लोगों ने मामले पर सीधे तौर पर आईपीएच विभाग को कसूरवार माना है। उन्होंने आईपीएच विभाग पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि जनता को अरसे से आईपीएच विभाग गंदा पानी पिला रहा है। जरपाल गांव में स्थापित भूमिगत पानी टैंक कई बार बिना ढक्कन ही खुल छोड़ा पाया गया है। सोमवार से अचानक सामने आए इस मामले में अभी आधिकारिक रिपोर्ट सामने नहीं आई है। स्थानीय गांव जरपाल के प्रधान प्रभात सिंह और उपप्रधान प्रमोद ने भी मामले पर आईपीएच विभाग को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने कहा कि पानी के टैंक में एक बार भी ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव तक नहीं किया है।
इनसेट
260 लोग संक्रमित, हालात अब काबू : बीएमओ
बीएमओ मोहन चौधरी का कहना है कि मामले पर वे खुद पांच दिन से प्रभावित लोगों को दवाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि करीब 1500 की आबादी वाले इलाके में अब तक 260 लोग संक्रमित पाए गए हैं। हालात अब पूरे नियंत्रण में हैं।
रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगी स्थिति : एमओएच
जिला स्वास्थ्य अधिकारी (एमओएच) डॉ. राजेश गुलेरी का कहना है कि उनके विभाग ने पानी और स्टूल के सैंपल भरे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही साफ तौर पर कुछ कहा जा सकता है।
नहीं हुई लापरवाही, करेंगे सुपर क्लोरिनेशन : एसडीओ
आईपीएच एसडीओ असीम कुमार का कहना है कि उनकी टीम ने मौके हालात पर पूरी चौकसी बरती है। रिपोर्ट आने से पहले ही विभाग को कुसूरवार मानना सही नहीं। जल्द ही पूरे इलाके के टैंकों में क्लोरिनेशन की जाएगी।