धर्मशाला। सूबे के सबसे बड़े जिला कांगड़ा में टीबी रोगियों को आंकड़ा 3000 पहुंच गया है। स्वास्थ्य विभाग की घर-घर बलगम के सैंपलों की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। 16 से 31 जनवरी तक चली इस मुहिम में जिला के विभिन्न गांवों में जाकर स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने लोगों की बलगम के सैंपल संभावित तौर पर लिए। सैंपलों की जांच मेडिकल कॉलेज टांडा में स्थापित सीवी नॉट मशीन में की गई। इसमें जिला में टीबी के 52 नए मरीज सामने आए हैं। इनका स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत प्रभाव से उपचार शुरू कर दिया है। वहीं, हिमाचल में टीबी रोगियों का आंकड़ा 16000 पहुंचा है, जो पिछले वर्ष लगभग 12,235 था। सूबे के विभिन्न जिलों में लगभग 3765 टीबी रोगी बढ़े हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने कांगड़ा जिला में टीबी रोगियों की संख्या में वृद्धि को देखते हुए पालमपुर और नूरपुर में भी सीवी नॉट मशीन स्थापित की है, ताकि बलगम में जल्द जांच कर मरीजों को समय से उपचार शुरू हो सके।
जिला क्षय रोग कार्यक्रम अधिकारी डॉ. आरके सूद ने कहा कि घर-घर से लिए गए लोगों के बलगम की जांच में 52 नए रोगी सामने आए हैं। जिनका उचपार शुरू कर दिया है। वर्तमान में कांगड़ा जिला में टीबी रोगियों की संख्या 3000 हो गई है।