पालमपुर। सांसद शांता कुमार के घर पालमपुर पहुंच कर मोदी ने उनके सियासी आभामंडल का जमकर बखान किया। मोदी ने सांसद को खुद से बड़ा साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। पीएम ने संबोधन की शुरुआत कुछ इस अंदाज में की- मेरे जैसे लाखों कार्यकर्ताओं के लिए वरिष्ठ नेता हैं शांता जी। मोदी की इस अदा पर वहां बैठी भीड़ ने भी खूब तालियां बजाई। स्थानीय नेता की पीएम के मुंह से वाहवाही के सियासी मायने जो भी हों, लेकिन जनता के बीच संदेश पहुंच गया। शांता की ईमानदारी की मिसाल देने के साथ मोदी ने खुद को उनका प्रशंसक तक बताया।
प्रधानमंत्री के आधे घंटे से ऊपर के संबोधन में कई नए पुराने मुद्दों के साथ बड़ा फोकस स्थानीय नेता और सांसद शांता कुमार थे। मोदी ने कहा कि शांता जब प्रदेश के मुख्यमंत्री बने तो वे चाहते तो खूब मौज कर सकते थे, लेकिन उन्होंने जिम्मेदारी उठाई कि हर घर तक पीने का पानी पहुंचाऊंगा। पहाड़ी क्षेत्रों में पानी पहुंचाना कितना मुश्किल है, इसका अंदाज तराई में रहने वालों को नहीं हो सकता है। काम बेहद कठिन था, लेकिन वे कोशिश में लगे रहे। उन्होंने ये प्रयास फोटो छपाने के लिए नहीं किए। पूरी शक्ति पानी पहुंचाने में लगा दी। हिमाचल के इस भागीरथ के पहाड़ में पीने का पानी पहुंचाने की खबर जब गुजरात में छपती थी तो हम भी उसे पढ़ते थे। मोदी ने जिस अंदाज में सांसद की तारीफ की, उससे यह महसूस नहीं हुआ कि शांता की पसंद का टिकट पालमपुर में नहीं मिला। उधर, शांता ने भी मोदी की जमकर तारीफ की है। कहा, प्रधानमंत्री मोदी जी मेरे घर में आए और उनका हार्दिक स्वागत करता हूं और मोदी जी के नेतृत्व पर भी पूर्ण आस्था जताई।