पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई सराहनीय : प्रीतम
लंबागांव (कांगड़ा)। भरतीय वायुसेना में 1967 से 2006 तक चालीस साल अपनी सेवाएं देकर फ्लाइट लेफ्टिनेंट पद से सेवानिवृत्त हुए प्रीतम शर्मा ने पाकिस्तान के खिलाफ की गई इस कार्रवाई को सराहनीय कदम बताया है। शायद पाकिस्तान ने यह सपने में भी नहीं सोचा होगा कि भारतीय वायुसेना पीओके के अंदर घुसकर ऐसी कार्रवाई को अंजाम दे सकती है। पाकिस्तान को भारतीय थल सेना से ही कार्रवाई की आशंका थी लेकिन, भारत ने पाकिस्तान को गच्चा देते हुए वायुसेना से ही हवाई कार्रवाई को अंजाम दिया। अब पाकिस्तान को पुलवामा जैसी घटना को अंजाम देने से पहले सौ बार सोचना होगा। जब तक भारत पाकिस्तान में आतंकियों के अड्डों को पूर्ण रूप से ध्वस्त नहीं कर देता, ऐसी कार्रवाई जारी रहनी चाहिए।
ऐसी और कार्रवाई की जरूरत : धर्म सिंह
20 मैक इनफेंट्री में 28 साल सेवाएं देकर ऑनरेरी कैप्टन के पद से सेवानिवृत्त 77 वर्षीय ठाकुर धर्म सिंह ने भारतीय वायुसेना के पाकिस्तान के विरुद्ध की गई कार्रवाई को पुलवामा हमले में शहीद हुए सैनिकों को सच्ची श्रद्धांजलि बताया है। भारतीय सेना की इस कार्रवाई के बाद उनका 77 साल की उम्र में सीना 56 इंच का हो गया है। पाकिस्तान के इन आतंकवादियों का यही अंजाम है। उनको उनकी ही भूमि में मारना चाहिए। अभी भारत को पाकिस्तान के खिलाफ ऐसी और कार्रवाई करनी होगी।
कार्रवाई से पाकिस्तान ले सबक : राजेश
भारतीय वायुसेना से सार्जेंट पद से सेवानिवृत्त राजेश थलवाल ने भारतीय वायुसेना की पाकिस्तान के खिलाफ सेना की कार्रवाई को उत्कृष्ट करार दिया है। भारत को ऐसी कार्रवाई काफी पहले ही कर देनी चाहिए थी। अगर ऐसी कार्रवाई पहले हुई होती तो पाकिस्तान पुलवामा जैसी घटना को अंजाम देने की सोचता भी नहीं। अगर इसी तरह भारतीय सेना को छूट मिले तो हम अपने दुश्मन को सबक सिखाने में कामयाब होंगे। उनके घर में घुसकर उन्हें खत्म करने की हिम्मत रखते हैं। पाकिस्तान को इस कार्रवाई से सबक लेना चाहिए।