बंदर ने काटा, टेटनेस का टीका लगा महिला को भेज दिया घर
जवाली अस्पताल में नहीं मिला एंटी रैबीज का इंजेक्शन
अमर उजाला ब्यूरो
जवाली (कांगड़ा)। नगर पंचायत जवाली के वार्ड नंबर-सात में रहने वाली एक महिला को बंदर ने नोच डाला। महिला के शोर मचाने पर लोग वहां पहुंच गए। घायल महिला सिविल अस्पताल जवाली में उपचार करवाने पहुंची, लेकिन एंटी रैबीज इंजेक्शन न होने के कारण अस्पताल प्रबंधन ने महिला को सिर्फ टेटनेस का इंजेक्शन लगाकर घर भेज दिया। अस्पताल प्रबंधन का कहना था कि अभी एंटी रैबीज इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है, जब आएगा तो लगा दिया जाएगा। वहीं, परेशान महिला घर लौट आई और अपने परिजनों के साथ उपचार के लिए निजी अस्पताल पहुंची।
उधर, जवाली कस्बे के लोग बंदरों के आतंक से परेशान हैं। स्थानीय निवासी विनोद कुमार, करतार चंद, सुरजीत कुमार, अश्विनी कुमार, विशंभर दास, प्रेम चंद, ममता देवी, सुंदर कुमार आदि का कहना है कि जवाली के साथ लगते जंगलों से आने वाले बंदर सीधे उनके घरों में धावा बोल देते हैं और कई बार तो बाहर रखे खाने के सामान को लेकर भाग जाते हैं। अब तो नौबत यह आ गई है कि लोगों को अपने ही घरों की छतों पर जाना मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से उत्पाती बंदरों को पकड़ने की मांग उठाई है।
वहीं, डॉ. अमन का कहना है कि बंदर के काटने पर लगाया जाने वाला इंजेक्शन अस्पताल में उपलब्ध नहीं है। इस कारण महिला को इंजेक्शन नहीं लगा पाए।