बिना डॉक्टर की सीएचसी में पहुंचे 27 घायल, निजी अस्पताल की सेवाएं ली
नगरोटा सूरियां में खुली स्वास्थ्य सेवाओं की पोल
पैरामेडिकल स्टाफ ने किया प्राथमिक उपचार
मेडिकल स्टोर संचालक भी घायलों के उपचार में जुटे
नीरज शर्मा
नगरोटा सूरियां (कांगड़ा)। स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिला में एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खुली। नगरोटा सूरियां बाजार में सिलिंडर फटने के बाद जब लोगों ने 27 घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिए पहुंचाया, तो वहां पर एक भी डाक्टर नहीं था। आनन-फानन में सीएचसी में तैनात पैरामेडिकल स्टाफ घायलों को प्राथमिक उपचार देने में जुट गया, लेकिन घायल अधिक होने के कारण स्वास्थ्य विभाग को निजी अस्पताल के डॉक्टरों की सेवाएं लेनी पड़ी। इसके अलावा नगरोटा सूरियां बाजार के मेडिकल स्टोर संचालक भी मानवता के आधार पर घायलों को प्राथमिक उपचार देने में जुट गए। वहीं, सीएचसी में अव्यवस्था देख लोगों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। वहीं, नगरोटा सूरियां के राज मेडिकल स्टोर राज शहरिया, संजय मेडिकल स्टोर, रमन मेडिकल स्टोर संजय उपाध्याय, मेडिकल स्टोर रविंद्र मेडिकल स्टोर ने अपनी-अपनी मेडिकल स्टोरों से दवाइयां लेकर अस्पताल पहुंचे। निजी अस्पताल की डॉक्टर विशाल तथा डॉ. मीना तथा पूरा स्टाफ सीएचसी नगरोटा सूरियां में पहुंचकर लोगों का उपचार करने जुट गए। हैरानी तो तब हुई जब गंभीर रूप से झुलसे मरीजों को टांडा मेडिकल कॉलेज में रेफर करने के लिए कोई भी डॉक्टर वहां मौके पर नहीं था जिसके चलते डॉक्टर विशाल संचालक मन्नत हॉस्पिटल ने मरीजों को टांडा रेफर किया। कई झुलसे हुए मरीज तो ऐसे थे, जिनको टांडा तक पहुंचने के लिए कोई भी साधन तथा सामर्थ नहीं थी कि वह टांडा जाते और न ही सीएचसी में 108 एंबुलेंस की व्यवस्था थी। इसलिए जवाली और देहरा से 108 एंबुलेंस बुलाई गई पर उससे पहले ही मरीजों को स्थानीय गाड़ी वालों ने टांडा पहुंचाने का काम कर दिया। सीएचसी में बीएमओ सहित डॉक्टरों के चार पद सृजित हैं, लेकिन मौके पर एक भी डॉक्टर उपलब्ध नहीं था। उधर, पुलिस दुकान में सिलिंडर फटने की जांच कर रही है तथा फॉरेंसिक टीम ने वहां से फटे हुए सिलेंडर को कब्जे में लेकर जांच के लिए भेज दिया।
कोट्स
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरएस राणा ने कहा कि नगरोटा सूरियां सीएचसी में एक डॉक्टर तैनात है। पीजी की काउंसिलिंग होने के कारण वे छुट्टी पर थी। सीएचसी में तैनात स्टाफ और एक निजी अस्पताल के डाक्टर ने घायल लोगों को टांडा रेफर किया है। पांच बजे के बाद जवाली अस्पताल के डॉक्टर को नगरोटा सूरियां भेजा गया है।