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सवा लाख बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की दवा

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अमर उजाला ब्यूरो
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धर्मशाला। पल्स पोलियो अभियान के पहले चरण में 28 जनवरी को जिला कांगड़ा में 0 से पांच वर्ष आयु वर्ग के 1,27,836 बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। इसके लिए जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और अन्य विभागों ने तैयारियां शुरू कर दी है।
उपायुक्त कांगड़ा संदीप कुमार ने कहा कि जिला में पल्स पोलियो अभियान के प्रबंधन के लिए टॉस्क फोर्स कमेटी बनाई गई है। जिला के 15 खंडों में पोलियो की खुराक पिलाने के लिए 1070 बूथ स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ उस दिन बसों में सफर करने वाले बच्चों को दवा पिलाने के लिए 26 ट्रॉजिट प्वाइंट और 223 विशेष बूथ झुग्गी झोंपड़ियों में रहने वाले बच्चों के लिए लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने में 4280 कर्मचारी और 213 सुपर वाइजर तैनात किए गए हैं।
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प्रथम चरण के दौरान जो बच्चे पोलियो की दवा पीने से वंचित रह जाएंगे, उन्हें 29 और 30 जनवरी को स्वास्थ्य, आयुर्वेद विभाग और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं घर-घर जाकर दवा पिलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि पल्स पोलियो अभियान के दूसरे चरण के दौरान 11 से 13 मार्च को बच्चों को दूसरी खुराक पिलाई जाएगी। उन्होंने जिला के सभी लोगों से इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग की अपील की है। उन्होंने विशेषकर महिला एवं युवक मंडलों, स्वयं सेवी संस्थाओं तथा सभी अभिभावकों से रचनात्मक सहयोग देने का आग्रह किया है। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि स्कूलों में बच्चों के लिए पीने के पानी की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। इस अवसर पर एएसपी विजय सकलानी, एसडीएम धर्मेश रामोत्रा, एसडीएम नगरोटा बगवां सिद्धार्थ आचार्य, कार्यक्रम अधिकारी एसएन गुप्ता, एसएमओ डॉ. दिनेश महाजन, जिला कार्यक्रम अधिकारी तिलक राज आचार्य, परियोजना अधिकारी डीआरडीए मनीष शर्मा, समस्त बीएमओ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
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शिक्षक अपने सामने खिलाएं आयरन की गोली
बुधवार के दिन एनीमिया से बचाने के लिए प्रत्येक बच्चे को अध्यापक अपने सामने आयरन की गोली खिलाएं, ताकि कोई भी बच्चा एनीमिया का शिकार न हो सके। 19 फरवरी को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस वाले दिन एक से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों को पेट के कीड़े समाप्त करने की गोलियां खिलाई जाएंगी। नवजात शिशुओं और स्कूली बच्चों को परजीवी कृमि संक्रमण से संरक्षित करने और इसके प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए इस दिन को मनाया जाता है। साप्ताहिक आयरन फोलिक एसिड पूर्ति कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि बच्चों को एनीमिया से बचाने के लिए स्कूलों में आयरन की एक गोली हर बुधवार को दी जाती है। जिसमें अब नोडल अध्यापक को सही रिपोर्ट भेजने पर 100 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रति तिमाही दी जाएगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी चित्रा कौशल ने बताया कि यह कार्यक्रम प्राइवेट स्कूलों के बच्चों और जो बच्चे स्कूल नहीं जाते हैं, उनके लिए भी चलाया जाएगा।
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